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महिला चिकित्सा एवं स्टाफ नर्स की लापरवाही से मासूम की मौत, हंगामा
Updated Tue, 19 Dec 2017 12:13 AM IST
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कछवां। स्वास्थ्य केंद्र पर प्रसव के दस मिनट बाद स्टाफ नर्स की लापरवाही से एक मासूम की मौत हो गई। परिजनों ने महिला चिकित्सक व स्टाफ नर्स पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। इसकी शिकायत परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से की।
कछवां थाना क्षेत्र के ग्राम केवटाबीर अक्तियार के राजेश बिंद की पत्नी मीना को प्रसव पीड़ा होने पर रविवार की शाम छह बजे कछवां स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां चिकित्सक दिव्या सिंह ने मीना को देखा। लेबर पेन में चार घंटे की देरी बता कर घर चली गई, जबकि महिला चिकित्सक की रात को तैनाती थी। दस बजे रात स्टाफ नर्स रेखा ने मीना को देखा तो फिर दो घंटे देरी होने की बात बताते हुए वह भी अपने रूम पर चली गई। भोर में पांच बजे मीना को देखने नर्स आई। महिला चिकित्सक के नहीं आने पर स्टाफ नर्स के ही देखरेख में मीना ने एक बच्चे को जन्म दिया। उस समय मासूम की स्थिति ठीक थी। लगभग पंद्रह मिनट बाद मासूम ने दम तोड़ दिया। बच्ची के दम तोड़ते ही परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का कहना था कि स्टाफ नर्स व कर्मचारियों की लापरवाही से बच्ची की मौत हुई है। इसके बाद परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों को महिला चिकित्सक दिव्या के न आने और स्टाफ नर्स रेखा की लापरवाही की सूचना दे दी। स्टाफ नर्स ने बताया कि सांस रुक जाने के चलते बच्ची की मौत हुई है। इसमें मेरी कोई गलती नहीं है। सीएचसी के अधीक्षक डा.सीबी पटेल ने कहा कि इसकी जांच कराई जाएगी। किसी भी दशा में लापरवाह कर्मचारी बख्शे नहीं जाएंगे।
कछवां थाना क्षेत्र के ग्राम केवटाबीर अक्तियार के राजेश बिंद की पत्नी मीना को प्रसव पीड़ा होने पर रविवार की शाम छह बजे कछवां स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां चिकित्सक दिव्या सिंह ने मीना को देखा। लेबर पेन में चार घंटे की देरी बता कर घर चली गई, जबकि महिला चिकित्सक की रात को तैनाती थी। दस बजे रात स्टाफ नर्स रेखा ने मीना को देखा तो फिर दो घंटे देरी होने की बात बताते हुए वह भी अपने रूम पर चली गई। भोर में पांच बजे मीना को देखने नर्स आई। महिला चिकित्सक के नहीं आने पर स्टाफ नर्स के ही देखरेख में मीना ने एक बच्चे को जन्म दिया। उस समय मासूम की स्थिति ठीक थी। लगभग पंद्रह मिनट बाद मासूम ने दम तोड़ दिया। बच्ची के दम तोड़ते ही परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का कहना था कि स्टाफ नर्स व कर्मचारियों की लापरवाही से बच्ची की मौत हुई है। इसके बाद परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों को महिला चिकित्सक दिव्या के न आने और स्टाफ नर्स रेखा की लापरवाही की सूचना दे दी। स्टाफ नर्स ने बताया कि सांस रुक जाने के चलते बच्ची की मौत हुई है। इसमें मेरी कोई गलती नहीं है। सीएचसी के अधीक्षक डा.सीबी पटेल ने कहा कि इसकी जांच कराई जाएगी। किसी भी दशा में लापरवाह कर्मचारी बख्शे नहीं जाएंगे।
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