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सिरसी जंगल में तीन दिन बाद भी पेड़कटान पर नहीं हुई कार्यवायी
Updated Fri, 29 Jun 2018 11:46 PM IST
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सिरसी जंगल में काटा गया पेड़
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मड़िहान। सिरसी रेंज के सोनौहा जंगल में हरे पेड़ों की कटान का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आने पर वनकर्मी हरकत में आए किंतु मुख्य आरोपी को छोड़कर मजदूरों पर कार्यवायी की बात कही जा रही है।
पटेहरा क्षेत्र के सोनौहा जंगल में स्थानीय कर्मचारियों की मिलीभगत से भूमाफिया हरे पेड़ों की कटान धड़ल्ले से कर रहे हैं। जंगल साफ कर सैकड़ों हेक्टेयर खेती योग्य जमीन तैयार की जा रही है। बकहर नदी किनारे बड़े बड़े पेड़ धराशायी हो गए। किन्तु वनकर्मियों को कानोकान खबर तक नहीं लगी। जंगलों से हरियाली गायब हो रही। बेशकीमती जड़ी बूटी, इमारती, बांस, जलवानी पेड़ जंगल में इक्का दुक्का बचे हैं। आरा मशीन मालिकों की मिलीभगत से जंगल पर माफिया कब्जा जमा लिए हैं। यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो जंगली जानवरों के लिए छांव भी मुनासिब नहीं रहेगा। ग्रामीणों की शिकायत के बावजूद स्थानीय वनरक्षक हरिश्चंद्र पटेल पर आरोप लग रहा है कि कार्रवाई में हीलाहवाली की जा रही थी तो उच्चाधिकारियों तक पेड़ काटने की जानकारी दे दी गई। उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आने पर क्षेत्रीय वनाधिकारी मनीष सिंह मामले को गंभीरता से लेते हुए माफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई का आदेश दिया।
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पटेहरा क्षेत्र के सोनौहा जंगल में स्थानीय कर्मचारियों की मिलीभगत से भूमाफिया हरे पेड़ों की कटान धड़ल्ले से कर रहे हैं। जंगल साफ कर सैकड़ों हेक्टेयर खेती योग्य जमीन तैयार की जा रही है। बकहर नदी किनारे बड़े बड़े पेड़ धराशायी हो गए। किन्तु वनकर्मियों को कानोकान खबर तक नहीं लगी। जंगलों से हरियाली गायब हो रही। बेशकीमती जड़ी बूटी, इमारती, बांस, जलवानी पेड़ जंगल में इक्का दुक्का बचे हैं। आरा मशीन मालिकों की मिलीभगत से जंगल पर माफिया कब्जा जमा लिए हैं। यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो जंगली जानवरों के लिए छांव भी मुनासिब नहीं रहेगा। ग्रामीणों की शिकायत के बावजूद स्थानीय वनरक्षक हरिश्चंद्र पटेल पर आरोप लग रहा है कि कार्रवाई में हीलाहवाली की जा रही थी तो उच्चाधिकारियों तक पेड़ काटने की जानकारी दे दी गई। उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आने पर क्षेत्रीय वनाधिकारी मनीष सिंह मामले को गंभीरता से लेते हुए माफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई का आदेश दिया।
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