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एक बीघा पर हो रही साढ़े पांच कुंतल धान खरीद
Updated Sat, 25 Nov 2017 12:06 AM IST
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पड़री पड़री स्थित क्रय केंद्र पर के किसान के रकबे के हिसाब से धान की खरीद की जा रही है। केंद्र के प्रभारी प्रति बीघा पांच कुंतल धान ही ले रहे हैं। शेष धान किसान साहूकारों को देने के लिये विवश हैं। यह स्थिति तब है जब जिलाधिकारी बिमल कुमार दुबे ने खाद्य विभाग के अधिकारियों से स्पष्ट कहा है कि किसान की पूरी पैदावार ली जाए।
जिला प्रशासन की अनदेखी के चलते धान क्रय केंद्रों के प्रभारी मनमानी कर रहे हैं। विकास खंड पहाड़ी के किसानों को धान को बेचने के लिए विगत वर्ष चार क्रय केंद्र खोले गये थे। इस साल ढाढ़ीराम, मोहनपुर और पड़री में तीन धान क्रय केंद्र खोले गए हैं। एक तो पिछले साल की तुलना में एक कम क्रय केंद्र खोला गया है और दूसरे उन पर मनमानी भी हो रही है। केंद्रों किसानों से साढ़े प्रति बीघा पांच कुंतल की दर से ही धान लिया जा रहा है जबकि अबकी 12 से 15 कुंतल बीघे की दर से धान की उपज हुई है। ऐसे में किसान शेष साहूकारों को बेचने के लिये मजबूर हैं। किसान ओम प्रकाश दुबे, शारदा प्रसाद मिश्र, भोला सिंह, शिवप्रताप सिंह, बालमुकुंद सिंह, सियदुलारे तिवारी, तेज बहादुर सिंह, रामबली दुबे, सदानंद पटेल, मुन्ना लाल यादव, वंशीधर सिंह, राकेश सिंह ने जिलाधिकारी से मामले को संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की मांग की है। पड़री क्रय केंद्र प्रभारी मोहम्मद इरफान खान का कहना ही कि उच्चाधिकारियों द्वारा अभी साढ़े पांच कुंतल धान का मानक दिया गया हैं, इसी आधार पर क्रय किया जा रहा है।
किसानों के पूरे धान को क्रय केंद्रों पर खरीदा जा रहा है। सभी केंद्र प्रभारी अपने अपने क्रय केंद्रों पर धान लेकर आने वाले किसानों के पूरे धान को खरीदे। यदि किसी क्रय केंद्र प्रभारी द्वारा धान खरीदने में आनाकानी की जा रही है, तो ऐसे क्रय केंद्र प्रभारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नही की जाएगी। - रतन कुमार शुक्ला, जिला खाद्य व विपणन अधिकारी।
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जिला प्रशासन की अनदेखी के चलते धान क्रय केंद्रों के प्रभारी मनमानी कर रहे हैं। विकास खंड पहाड़ी के किसानों को धान को बेचने के लिए विगत वर्ष चार क्रय केंद्र खोले गये थे। इस साल ढाढ़ीराम, मोहनपुर और पड़री में तीन धान क्रय केंद्र खोले गए हैं। एक तो पिछले साल की तुलना में एक कम क्रय केंद्र खोला गया है और दूसरे उन पर मनमानी भी हो रही है। केंद्रों किसानों से साढ़े प्रति बीघा पांच कुंतल की दर से ही धान लिया जा रहा है जबकि अबकी 12 से 15 कुंतल बीघे की दर से धान की उपज हुई है। ऐसे में किसान शेष साहूकारों को बेचने के लिये मजबूर हैं। किसान ओम प्रकाश दुबे, शारदा प्रसाद मिश्र, भोला सिंह, शिवप्रताप सिंह, बालमुकुंद सिंह, सियदुलारे तिवारी, तेज बहादुर सिंह, रामबली दुबे, सदानंद पटेल, मुन्ना लाल यादव, वंशीधर सिंह, राकेश सिंह ने जिलाधिकारी से मामले को संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की मांग की है। पड़री क्रय केंद्र प्रभारी मोहम्मद इरफान खान का कहना ही कि उच्चाधिकारियों द्वारा अभी साढ़े पांच कुंतल धान का मानक दिया गया हैं, इसी आधार पर क्रय किया जा रहा है।
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किसानों के पूरे धान को क्रय केंद्रों पर खरीदा जा रहा है। सभी केंद्र प्रभारी अपने अपने क्रय केंद्रों पर धान लेकर आने वाले किसानों के पूरे धान को खरीदे। यदि किसी क्रय केंद्र प्रभारी द्वारा धान खरीदने में आनाकानी की जा रही है, तो ऐसे क्रय केंद्र प्रभारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नही की जाएगी। - रतन कुमार शुक्ला, जिला खाद्य व विपणन अधिकारी।
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