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शास्त्री पुल से गुजर सकेगा 60 टन भार का वाहन
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मिर्जापुर। शास्त्री पुल के मरम्मत के बाद उस पर गुजरने वाले वाहन की भार क्षमता तय कर दी गई है। दो वर्ष बाद पुल से 60 टन के वाहन गुजर सकेंगे। जांच टीम ने अलग-अलग वाहनों के लिए अलग-अलग भार क्षमता तय किया है। सेतु निगम की ओर से आदेश रिपोर्ट आयुक्त, डीएम, पीडब्ल्यूडी को भेजा गया था। पीडब्ल्यूडी ने पुल के दोनों ओर भार क्षमता का बोर्ड लगा दिया।
दुद्धी-लुंबिनी राज्यमार्ग पर उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जनपद स्थित शास्त्री पुल में खराबी आने से उस पर लोड वाहनों के संचालन पर रोक लगाया गया था। पुल के जिस स्पान में खराबी आई थी वहां पर मशीन लगाकर लोड वाहन खड़ा किए बिना, फिर लोड वाहन खड़ा करके, फिर लोड वाहन हटने के बाद की स्थिति की जांच की गई। जांच के बाद टीम चली गई। एक सप्ताह में 31 मार्च तक रिपोर्ट आनी थी, जिसमें देरी हुई। सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक आरएस उपाध्याय 19 अप्रैल को रिपोर्ट लेकर आए। इसमें अलग-अलग वाहनों के लिए अलग-अलग भार निर्धारित किया गया है। इसमें छह चक्का ट्रक के लिए 15 टन, 10 चक्का के लिए 24 टन, 14 चक्का के लिए 36 टन, 18 चक्का के लिए 48 टन, 22 चक्का के लिए 60 टन भार निर्धारित किया गया है। मतलब पुल से अधिकतम 60 टन भार का वाहन गुजर सकता है। इस संबंध में पीडब्ल्यूडी ने पुल के दोनों ओर भार संबंधित बोर्ड भी लगा दिया है। सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक आरएस उपाध्याय ने बताया कि 19 अप्रैल को रिपोर्ट आयुक्त, डीएम के साथ पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को सौंपा गया था। जिसके बाद भार निर्धारण को बोर्ड लगा दिया गया है।
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दुद्धी-लुंबिनी राज्यमार्ग पर उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जनपद स्थित शास्त्री पुल में खराबी आने से उस पर लोड वाहनों के संचालन पर रोक लगाया गया था। पुल के जिस स्पान में खराबी आई थी वहां पर मशीन लगाकर लोड वाहन खड़ा किए बिना, फिर लोड वाहन खड़ा करके, फिर लोड वाहन हटने के बाद की स्थिति की जांच की गई। जांच के बाद टीम चली गई। एक सप्ताह में 31 मार्च तक रिपोर्ट आनी थी, जिसमें देरी हुई। सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक आरएस उपाध्याय 19 अप्रैल को रिपोर्ट लेकर आए। इसमें अलग-अलग वाहनों के लिए अलग-अलग भार निर्धारित किया गया है। इसमें छह चक्का ट्रक के लिए 15 टन, 10 चक्का के लिए 24 टन, 14 चक्का के लिए 36 टन, 18 चक्का के लिए 48 टन, 22 चक्का के लिए 60 टन भार निर्धारित किया गया है। मतलब पुल से अधिकतम 60 टन भार का वाहन गुजर सकता है। इस संबंध में पीडब्ल्यूडी ने पुल के दोनों ओर भार संबंधित बोर्ड भी लगा दिया है। सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक आरएस उपाध्याय ने बताया कि 19 अप्रैल को रिपोर्ट आयुक्त, डीएम के साथ पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को सौंपा गया था। जिसके बाद भार निर्धारण को बोर्ड लगा दिया गया है।
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