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आज गठबंधन की मजबूती को बल देंगे अखिलेश
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मिर्जापुर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव 12 मई को राजकीय इंटर कालेज के मैदान में गठबंधन कार्यकर्ताओं में जोश भरेंगे। उनके दोपहर 12 बजे पहुंचने का कार्यक्रम है। पूर्व सीएम अखिलेश यादव जनता को गठबंधन प्रत्याशी के पक्ष में हवा बनाने का काम करेंगे।
इसके लिए राजकीय इंटर कालेज में कई दिनों से तैयारियां चल रही हैं। इस बार सपा व बसपा ने अपना संयुक्त प्रत्याशी मैदान में उतारा है। उनके साथ राष्ट्रीय लोकदल भी है। जिले से रामचरित्र निषाद इस महागठबंधन के प्रत्याशी हैं। हालांकि कहने को रामचरित्र बाहरी प्रत्याशी हैं लेकिन मतदाताओं पर उनकी पकड़ अच्छी है। पार्टी भी इस बात को समझ रही है लेकिन वह इस बात को प्रचारित कर रही है कि जिले की वर्तमान सांसद भी बाहरी ही हैं। यदि सच कहा जाए तो मिर्जापुर में यह रिकार्ड रहा है कि अभी तक बाहरी प्रत्याशी ही विजय हासिल करते रहे हैं। वैसे तो आमतौर पर नगर में भाजपा का ही दबदबा रहता है लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में सपा व बसपा का ही दबदबा है। गठबंधन प्रत्याशी यह मानकर चल रहे हैं कि यदि महागठबंधन को परंपरागत वोट भी मिल जाए तो उनकी विजय सुनिश्चित है। अब आखिरी समय में मतदाता किधर का रूख करेगा। यह तो वक्त ही बताएगा लेकिन इसी बहाने अखिलेश यादव इस बात की भी समीक्षा कर लेंगे कि मिर्जापुर के मतदाताओं का रुख किधर का है।
इसके लिए राजकीय इंटर कालेज में कई दिनों से तैयारियां चल रही हैं। इस बार सपा व बसपा ने अपना संयुक्त प्रत्याशी मैदान में उतारा है। उनके साथ राष्ट्रीय लोकदल भी है। जिले से रामचरित्र निषाद इस महागठबंधन के प्रत्याशी हैं। हालांकि कहने को रामचरित्र बाहरी प्रत्याशी हैं लेकिन मतदाताओं पर उनकी पकड़ अच्छी है। पार्टी भी इस बात को समझ रही है लेकिन वह इस बात को प्रचारित कर रही है कि जिले की वर्तमान सांसद भी बाहरी ही हैं। यदि सच कहा जाए तो मिर्जापुर में यह रिकार्ड रहा है कि अभी तक बाहरी प्रत्याशी ही विजय हासिल करते रहे हैं। वैसे तो आमतौर पर नगर में भाजपा का ही दबदबा रहता है लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में सपा व बसपा का ही दबदबा है। गठबंधन प्रत्याशी यह मानकर चल रहे हैं कि यदि महागठबंधन को परंपरागत वोट भी मिल जाए तो उनकी विजय सुनिश्चित है। अब आखिरी समय में मतदाता किधर का रूख करेगा। यह तो वक्त ही बताएगा लेकिन इसी बहाने अखिलेश यादव इस बात की भी समीक्षा कर लेंगे कि मिर्जापुर के मतदाताओं का रुख किधर का है।
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