{"_id":"5bb110a3867a554f167e175e","slug":"51538330787-mirzapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाणसागर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाणसागर
Updated Sun, 30 Sep 2018 11:36 PM IST
विज्ञापन
अदवा बैराज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मिर्जापुर/हलिया। बाणसागर जलाशय से जिले के अदवा बैराज में पानी पहुंचने में एक सप्ताह का समय लगेगा। इसके बाद सिंचाई विभाग की मांग पर बाणसागर का पानी अदवा और मेजा जलाशय को दिया जाएगा। सिंचाई विभाग को इन दोनों जलाशयों में पानी का प्रवाह बंद होने के दस दिन पहले ही बाण सागर सिंचाई परियोजना से पानी की मांग करनी होगी ताकि किसानों को सिंचाई के लिए समय से पानी मिल सके। बाणसागर का पानी मिलने से एक लाख 70 हजार किसान लाभान्वित होंगे।
बाणसागर के जल बंटवारे को लेकर मध्य प्रदेश तथा उत्तर प्रदेश सरकार के बीच हुए करार के मुताबिक हलिया के अदवा तथा लालगंज के मेजा जलाशय को अक्टूबर से मई तक पानी मिलना है । बाण सागर से आने वाला पानी पहले पिपरा गांव के पास बनाए गए अदवा बैराज में इकट्ठा होगा । वहां बनाई गई दो अलग अलग पोषक लिंक नहरों के द्वारा अदवा तथा मेजा जलाशय के लिए पानी छोड़ा जाएगा । बाण सागर नहर निर्माण खंड दस के अधिशासी अभियंता चंदशेखर कुमार मंगलम ने बताया कि इस समय अदवा तथा मेजा जलाशय में सिंचाई के लिए पानी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में सिंचाई विभाग द्वारा मांग करने पर मध्यप्रदेश के सहडोल जिले में स्थित बाण सागर जलाशय से अदवा बैराज के लिए उसके पोषक नहर में पानी छोड़ने के लिए कहा जाएगा । अदवा तथा मेजा जलाशय से ही मिर्जापुर और इलाहाबाद जिले के किसानों को सिंचाई के लिए बाण सागर का पानी दिया जाना है । बाण सागर परियोजना से अदवा बैराज को पानी मिलने के बाद अदवा बैराज से जुड़ी नहरों से मिर्जापुर जिले के 75 हजार 309 तथा इलाहाबाद जिले के 74 हजार 823 हेक्टेयर कुल मिलाकर एक लाख 50 हजार 132 हेक्टेयर खेत की सिंचाई का लक्ष्य निर्धारित है। इस सिंचाई परियोजना से मिर्जापुर जिले के हलिया, लालगंज, नारायणपुर तथा इलाहाबाद जिले के कोराव, मांडा और मेजा आदि क्षेत्रों के कुल एक लाख 70 हजार किसान लाभान्वित होंगे ।
अदवा बैराज से बाणसागर का पानी मेजा जलाशय को दिया जाएगा। पानी छोड़ दिया गया है। वहां तक पहुंचने में करीब एक सप्ताह का समय लगेगा।-चंद्रशेखर कुमार मंगलम, अधिशासी अभियंता बाण सागर नहर प्रखंड दस
विज्ञापन
विज्ञापन
बाणसागर के जल बंटवारे को लेकर मध्य प्रदेश तथा उत्तर प्रदेश सरकार के बीच हुए करार के मुताबिक हलिया के अदवा तथा लालगंज के मेजा जलाशय को अक्टूबर से मई तक पानी मिलना है । बाण सागर से आने वाला पानी पहले पिपरा गांव के पास बनाए गए अदवा बैराज में इकट्ठा होगा । वहां बनाई गई दो अलग अलग पोषक लिंक नहरों के द्वारा अदवा तथा मेजा जलाशय के लिए पानी छोड़ा जाएगा । बाण सागर नहर निर्माण खंड दस के अधिशासी अभियंता चंदशेखर कुमार मंगलम ने बताया कि इस समय अदवा तथा मेजा जलाशय में सिंचाई के लिए पानी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में सिंचाई विभाग द्वारा मांग करने पर मध्यप्रदेश के सहडोल जिले में स्थित बाण सागर जलाशय से अदवा बैराज के लिए उसके पोषक नहर में पानी छोड़ने के लिए कहा जाएगा । अदवा तथा मेजा जलाशय से ही मिर्जापुर और इलाहाबाद जिले के किसानों को सिंचाई के लिए बाण सागर का पानी दिया जाना है । बाण सागर परियोजना से अदवा बैराज को पानी मिलने के बाद अदवा बैराज से जुड़ी नहरों से मिर्जापुर जिले के 75 हजार 309 तथा इलाहाबाद जिले के 74 हजार 823 हेक्टेयर कुल मिलाकर एक लाख 50 हजार 132 हेक्टेयर खेत की सिंचाई का लक्ष्य निर्धारित है। इस सिंचाई परियोजना से मिर्जापुर जिले के हलिया, लालगंज, नारायणपुर तथा इलाहाबाद जिले के कोराव, मांडा और मेजा आदि क्षेत्रों के कुल एक लाख 70 हजार किसान लाभान्वित होंगे ।
विज्ञापन
अदवा बैराज से बाणसागर का पानी मेजा जलाशय को दिया जाएगा। पानी छोड़ दिया गया है। वहां तक पहुंचने में करीब एक सप्ताह का समय लगेगा।-चंद्रशेखर कुमार मंगलम, अधिशासी अभियंता बाण सागर नहर प्रखंड दस
विज्ञापन