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घेरा डालो डेरा डालो पर बनी रणनीति
Updated Fri, 08 Sep 2017 12:07 AM IST
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मिर्जापुर। पथरहिया स्थित खाद्य विभाग के कार्यालय पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की बैठक गुरुवार को हुई, जिसमें आगामी 11 सितंबर को जीपीओ पार्क में प्रस्तावित घेरा डालो डेरा डालो धरना प्रदर्शन और विधानसभा घेराव को लेकर चर्चा की गई। जोनल महामंत्री नारायणजी दूबे ने कहा कि अभी नहीं तो कभी नही, कर्मचारी आंदोलन में पूरा सहयोग करें तभी उनका हक मिलेगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारी आंदोलन को अनसुना कर रहे हैं, कर्मचारी हित में परिषद ने लड़ाई को तेज करने का निर्णय लिया है।
संचालन करते हुए सर्वेश सिंह प्रीतम ने कहा कि सरकार द्वारा मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेने पर कर्मचारी आंदोलन करने को बाध्य हैं। उन्होंने कहा कि घेरा डाला डेरा डालो कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए टीम का गठन किया गया है। कमलकुंज चौबे ने कहा कि सरकार द्वारा 50 वर्ष पूर्ण करने वाले कर्मचारियों की स्क्रीनिंग कर छंटनी करने से कर्मचारियों में रोष है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का शोषण कत्तई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली, वेतन विसंगतियों को दूर करने, केंद्रीय कर्मचारियों के समान भत्ता आदि सुविधा, ठेकेदारी प्रथा आदि को बंद करने की मांग कर रहे हैं। बैठक में अश्वनी तिवारी, राजाराम पाठक, सूरज कनौजिया, शिवेंद्र सिंह पटेल, प्रभाशंकर आजाद, सतीश मिश्रा, प्रमिला देवी, लाल साहब बिंद ने अपने विचार व्यक्त किया। इस दौरान अल्पना चौरसिया, अर्चना मिश्रा, शालिनी शर्मा, पीपी गिरि, संजीव विश्वकर्मा, रामकृष्ण दूबे, मानचंद्र आदि मौजूद रहे।
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संचालन करते हुए सर्वेश सिंह प्रीतम ने कहा कि सरकार द्वारा मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेने पर कर्मचारी आंदोलन करने को बाध्य हैं। उन्होंने कहा कि घेरा डाला डेरा डालो कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए टीम का गठन किया गया है। कमलकुंज चौबे ने कहा कि सरकार द्वारा 50 वर्ष पूर्ण करने वाले कर्मचारियों की स्क्रीनिंग कर छंटनी करने से कर्मचारियों में रोष है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का शोषण कत्तई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली, वेतन विसंगतियों को दूर करने, केंद्रीय कर्मचारियों के समान भत्ता आदि सुविधा, ठेकेदारी प्रथा आदि को बंद करने की मांग कर रहे हैं। बैठक में अश्वनी तिवारी, राजाराम पाठक, सूरज कनौजिया, शिवेंद्र सिंह पटेल, प्रभाशंकर आजाद, सतीश मिश्रा, प्रमिला देवी, लाल साहब बिंद ने अपने विचार व्यक्त किया। इस दौरान अल्पना चौरसिया, अर्चना मिश्रा, शालिनी शर्मा, पीपी गिरि, संजीव विश्वकर्मा, रामकृष्ण दूबे, मानचंद्र आदि मौजूद रहे।
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