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सीएचसी पीएचसी के औजारों में लगे जंग
Updated Sat, 24 Jun 2017 12:55 AM IST
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मिर्जापुर। मंडल के सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के आपरेशन कक्षों में मौजूद औजार रख रखाव के अभाव में जंग लग रहे हैं। इससे उनका इस्तेमाल होने पर मरीजों के जान पर खतरा मंडरा रहा है। यह बात तब उजागर हुई जब मंडलायुक्त एमएल लाल बुधवार को मड़िहान के प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचे। अपर निदेशक ने मिर्जापुर, भदोही और सोनभद्र जिलों के सभी प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के उपकरणों की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
मंडलायुक्त एमएल लाल निरीक्षण के दौरान गत दिनों सीएचसी एवं पीएचसी मड़िहान के आपरेशन कक्षों में मौजूद औजारों में जंग लगा देख भड़क गए थे। उन्होंने अपर निदेशक को मंडल के समस्त सीएचसी एवं पीएचसी पर औचक निरीक्षण करा कर उपकरणों की जांच कराकर जंग लगा उपकरण पाया जाता है तो उसे तत्काल बदलवा दिया जाए। जिससे मरीजों को किसी प्रकार की बीमारी नहीं फैल सके।
प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में मातृ शिशु मृत्युदर कम करने के लिए प्रसव की व्यवस्था है। इसके लिए हमेशा आपरेशन थिएटर तैयार रखा जाता है। इसके अलावा छोटे मोटे आपरेशन और नसबंदी आदि भी करनी होती है। मगर चिकित्सकों के नहीं आने के कारण अधिकांश स्वास्थ्य केंद्रों पर ऐसे आपरेशन किए ही नहीं जाते हैं। इमरजेंसी में कोई मामला आया तो उसे जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया जाता है। लगातार इस्तेमाल नहीं होने और रखरखाव के अभाव में शल्य क्रिया के औजार खराब हो रहे हैं। रखरखाव नहीं होने के चलते उसमें जंग लग गया है। इनसे आपरेशन होने पर मरीज को टिटनस होने और घाव में अन्य संक्रमण की आशंका बनी रहती है।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. विधु गुप्ता का कहना है कि आपरेशन कक्षों में मौजूद औजारों को ठीक से स्टेरलाइज करने के बाद ही उनका इस्तेमाल किया जाता है। कभी-कभी अधिक देर तक उपरकरणों को पानी में रख दिए जाने से उनमें जंग लग जाता है। ऐसे औजारों से आपरेशन करने पर संक्रमण का डर रहता है। टिटनस की आशंका रहती है। चिकित्सक इसका ध्यान जरूर रखता है। वह एहतियातन आपरेशन के समय ही मरीज को टीटनेस की इंजेक्शन लगा देता है। सीएमओ कुछ ही कहें लेकिन कमिश्नर के रुख को देखते हुए अपर निदेशक डा. एपी साहू ने औजारों के जांच के निर्देश दिए हैं।
तीनों जनपदों के सीएमओ को सीएचसी पीएचसी का औचक निरीक्षण कर उपकरणों का जांच करने को कहा गया है। औजारों में जंग लगा पाए जाने पर उनको तत्काल बदलवाने का निर्देश दिया गया है। साथ ही औजारों के रख रखाव में लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई करने कहा है।
डा. एपी साहू, अपर निदेशक स्वास्थ्य, विन्ध्याचल मंडल
मंडलायुक्त एमएल लाल निरीक्षण के दौरान गत दिनों सीएचसी एवं पीएचसी मड़िहान के आपरेशन कक्षों में मौजूद औजारों में जंग लगा देख भड़क गए थे। उन्होंने अपर निदेशक को मंडल के समस्त सीएचसी एवं पीएचसी पर औचक निरीक्षण करा कर उपकरणों की जांच कराकर जंग लगा उपकरण पाया जाता है तो उसे तत्काल बदलवा दिया जाए। जिससे मरीजों को किसी प्रकार की बीमारी नहीं फैल सके।
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प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में मातृ शिशु मृत्युदर कम करने के लिए प्रसव की व्यवस्था है। इसके लिए हमेशा आपरेशन थिएटर तैयार रखा जाता है। इसके अलावा छोटे मोटे आपरेशन और नसबंदी आदि भी करनी होती है। मगर चिकित्सकों के नहीं आने के कारण अधिकांश स्वास्थ्य केंद्रों पर ऐसे आपरेशन किए ही नहीं जाते हैं। इमरजेंसी में कोई मामला आया तो उसे जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया जाता है। लगातार इस्तेमाल नहीं होने और रखरखाव के अभाव में शल्य क्रिया के औजार खराब हो रहे हैं। रखरखाव नहीं होने के चलते उसमें जंग लग गया है। इनसे आपरेशन होने पर मरीज को टिटनस होने और घाव में अन्य संक्रमण की आशंका बनी रहती है।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. विधु गुप्ता का कहना है कि आपरेशन कक्षों में मौजूद औजारों को ठीक से स्टेरलाइज करने के बाद ही उनका इस्तेमाल किया जाता है। कभी-कभी अधिक देर तक उपरकरणों को पानी में रख दिए जाने से उनमें जंग लग जाता है। ऐसे औजारों से आपरेशन करने पर संक्रमण का डर रहता है। टिटनस की आशंका रहती है। चिकित्सक इसका ध्यान जरूर रखता है। वह एहतियातन आपरेशन के समय ही मरीज को टीटनेस की इंजेक्शन लगा देता है। सीएमओ कुछ ही कहें लेकिन कमिश्नर के रुख को देखते हुए अपर निदेशक डा. एपी साहू ने औजारों के जांच के निर्देश दिए हैं।
तीनों जनपदों के सीएमओ को सीएचसी पीएचसी का औचक निरीक्षण कर उपकरणों का जांच करने को कहा गया है। औजारों में जंग लगा पाए जाने पर उनको तत्काल बदलवाने का निर्देश दिया गया है। साथ ही औजारों के रख रखाव में लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई करने कहा है।
डा. एपी साहू, अपर निदेशक स्वास्थ्य, विन्ध्याचल मंडल