{"_id":"5e9c763e8ebc3e775269c89f","slug":"375-tons-of-wheat-purchased-in-four-days-mirzapur-news-vns5210733155","type":"story","status":"publish","title_hn":"चार दिनों में खरीदा गया 375 टन गेहूं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चार दिनों में खरीदा गया 375 टन गेहूं
विज्ञापन
मिर्जापुर। जिले में 15 अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हो गई लेकिन अभी भी कई केंद्र चालू नहीं हो सके हैं। मौसम का मिजाज देखकर किसान क्रय केंद्रों की तरफ जा रहे हैं लेकिन उनको वापस लौटना पड़ रहा है। अभी तक तीन सौ 75 टन गेहूं खरीदा जा चुका है।
इस बार जिले के 75 केंद्रों पर गेेहूं खरीदने की व्यवस्था की गई है। 15 अप्रैल से शुरू हुआ यह सत्र 29 जून तक चलेगा। हालांकि 15 अप्रैल को खरीद की शुरूआत हो गई लेकिन यह अभी गति नहीं पकड़ सकी है। इसका कारण क्रय केंद्र का पूरी तरह क्रियाशील नहीं होना है। चुनिंदा केंद्रों पर थोड़ी बहुत खरीद हुई है। अधिकांश केंद्रों पर बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। जिले को इस बार एक लाख छह हजार टन खरीद का लक्ष्य दिया गया है। गेहूं की फसल पहले भी भारी बरसात व आंधी और ओलावृष्टि के कारण क्षतिग्रस्त हो चुकी है। एक अनुमान के मुताबिक इस बार लगभग 70 फीसद फसल ही बची है। अब यदि समय से सभी केंद्रों पर खरीद नहीं हुई तो मौसम का मिजाज बदलने से परेशानी हो सकती है। इस संबंध में जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी अजीत कुमार त्रिपाठी ने बताया कि अभी क्रय केंद्रों पर किसान नहीं आ रहे हैं। सभी केंद्रों पर सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यदि किसी किसान को किसी प्रकार की परेशानी होती है तो वह क्षेत्रीय विपणन अधिकारी अथवा उनसे संपर्क कर सकता है। इस बार गेहूं का समर्थन मूल्य एक हजार नौ सौ 25 रुपये निर्धारित किया गया है।
विज्ञापन
इस बार जिले के 75 केंद्रों पर गेेहूं खरीदने की व्यवस्था की गई है। 15 अप्रैल से शुरू हुआ यह सत्र 29 जून तक चलेगा। हालांकि 15 अप्रैल को खरीद की शुरूआत हो गई लेकिन यह अभी गति नहीं पकड़ सकी है। इसका कारण क्रय केंद्र का पूरी तरह क्रियाशील नहीं होना है। चुनिंदा केंद्रों पर थोड़ी बहुत खरीद हुई है। अधिकांश केंद्रों पर बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। जिले को इस बार एक लाख छह हजार टन खरीद का लक्ष्य दिया गया है। गेहूं की फसल पहले भी भारी बरसात व आंधी और ओलावृष्टि के कारण क्षतिग्रस्त हो चुकी है। एक अनुमान के मुताबिक इस बार लगभग 70 फीसद फसल ही बची है। अब यदि समय से सभी केंद्रों पर खरीद नहीं हुई तो मौसम का मिजाज बदलने से परेशानी हो सकती है। इस संबंध में जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी अजीत कुमार त्रिपाठी ने बताया कि अभी क्रय केंद्रों पर किसान नहीं आ रहे हैं। सभी केंद्रों पर सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यदि किसी किसान को किसी प्रकार की परेशानी होती है तो वह क्षेत्रीय विपणन अधिकारी अथवा उनसे संपर्क कर सकता है। इस बार गेहूं का समर्थन मूल्य एक हजार नौ सौ 25 रुपये निर्धारित किया गया है।
विज्ञापन