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तीस साल बाद मिलावट खोर को मिली सजां
Updated Wed, 15 Aug 2018 02:00 AM IST
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मिर्जापुर। न्यायालय प्रथम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट लबली जायसवाल ने खाद्य पदार्थ में मिलावट के मामले में आरोप सिद्ध होने पर मंगलवार को अभियुक्त छह माह की सजा के साथ 15 सौ रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
अभियोजन अनुसार वादी मुकदमा खाद्य निरीक्षक तीर्थराज पांडेय ने विंध्याचल थाना क्षेत्र के वावली चौराहा स्थित राजेंद्र गुप्ता पुत्र साहेबदीन की मिठाई नमकीन की दुकान पर पांच अप्रैल 1989 को छापेमारी की थी। इस दौरान मिठाई और नमकीन का सैंपल लेकर जन विश्लेषण लखनऊ भेजा था। वहां जांच में लड्डू में मिलावट पाया गया था। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य निरीक्षक धारा 7/16 खाद्य अपमिश्रण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दिया था। जिसकी 30 साल बाद हुई सुनवाई के दौरान न्यायालय ने आरोपी का दोषसिद्घ होने पर छह माह का कारावास की सजा और 15 सौ रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
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अभियोजन अनुसार वादी मुकदमा खाद्य निरीक्षक तीर्थराज पांडेय ने विंध्याचल थाना क्षेत्र के वावली चौराहा स्थित राजेंद्र गुप्ता पुत्र साहेबदीन की मिठाई नमकीन की दुकान पर पांच अप्रैल 1989 को छापेमारी की थी। इस दौरान मिठाई और नमकीन का सैंपल लेकर जन विश्लेषण लखनऊ भेजा था। वहां जांच में लड्डू में मिलावट पाया गया था। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य निरीक्षक धारा 7/16 खाद्य अपमिश्रण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दिया था। जिसकी 30 साल बाद हुई सुनवाई के दौरान न्यायालय ने आरोपी का दोषसिद्घ होने पर छह माह का कारावास की सजा और 15 सौ रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
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