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जादू नहीं विज्ञान से होते हैं चमत्कार
Updated Sat, 07 Oct 2017 01:07 AM IST
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मिर्जापुर। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित जिला विज्ञान क्लब के तत्वावधान में विज्ञान के चमत्कारों की वैैज्ञानिक व्याख्यान कार्यक्रम एवं प्रदर्शन कार्यक्रम का आयोजन गुरुवार को अदलहाट के विद्या संस्कार पब्लिक स्कूल कौड़िया कला में किया गया। उद्धाटन विशेषज्ञ ओपी गुप्ता ने विद्यालय के डायरेक्टर नागेंद्र द्विवेदी तथा जिला समन्वयक के साथ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया।
जिला समन्वयक सुशील कुमार पांडेय ने बताया कि न तो कोई जादू होता है और न चमत्कार। कुछ लोग विज्ञान की मदद से अंधविश्वास एवं ढोंग रच कर लाभ कमा रहे हैं। जादू टोना केवल अंधविश्वास है। विशेषज्ञ सोमेश मिश्रा ने चमत्कारों के पीछे के विज्ञान की जानकारी दी। अग्नि स्नान, जीभ से त्रिशूल निगलना, सिर पर आग जला कर चाय बनाने जैसे करतबों को दिखा कर इसके पीछे किसी जादू होने का पर्दाफाश किया। विशेषज्ञ डा. ओपी गुप्ता ने विज्ञान के सरल प्रयोगों द्वारा विभिन्न चमत्कारों को करके दिखाया एवं उनके पीछे विज्ञान के सिद्धांतों को बताया। दृष्टि भ्रम, ग्लास में छननी से पानी न गिरना, गागर में सागर , गिलास की तली में छेद होने के बाद भी पानी न गिरना आदि प्रयोगों को कर के दिखाया तथा उनके पीछे विज्ञान के सिद्धांतों को बताया। विद्यालय के डायरेक्टर नागेंद्र द्विवेदी ने कहा कि हम सभी को अंध विश्वासों से दूर रहना चाहिए तथा वैज्ञानिक विधि से सोचने की क्षमता विकसित करना चाहिए। कार्यक्रम में छह विद्यालयों के आठ सौ छात्र-छात्राओं के अलावा अध्यापक एवं आसपास के ग्रामीण मौजूद रहे। विद्यालय के प्रधानाचार्य ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में आलोक, प्रवीण सिंह, सौम्या द्विवेदी, प्रदीप तिवारी, मोनू बिंद, अजीत ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। संचालन राजेश सिंह ने किया।
जिला समन्वयक सुशील कुमार पांडेय ने बताया कि न तो कोई जादू होता है और न चमत्कार। कुछ लोग विज्ञान की मदद से अंधविश्वास एवं ढोंग रच कर लाभ कमा रहे हैं। जादू टोना केवल अंधविश्वास है। विशेषज्ञ सोमेश मिश्रा ने चमत्कारों के पीछे के विज्ञान की जानकारी दी। अग्नि स्नान, जीभ से त्रिशूल निगलना, सिर पर आग जला कर चाय बनाने जैसे करतबों को दिखा कर इसके पीछे किसी जादू होने का पर्दाफाश किया। विशेषज्ञ डा. ओपी गुप्ता ने विज्ञान के सरल प्रयोगों द्वारा विभिन्न चमत्कारों को करके दिखाया एवं उनके पीछे विज्ञान के सिद्धांतों को बताया। दृष्टि भ्रम, ग्लास में छननी से पानी न गिरना, गागर में सागर , गिलास की तली में छेद होने के बाद भी पानी न गिरना आदि प्रयोगों को कर के दिखाया तथा उनके पीछे विज्ञान के सिद्धांतों को बताया। विद्यालय के डायरेक्टर नागेंद्र द्विवेदी ने कहा कि हम सभी को अंध विश्वासों से दूर रहना चाहिए तथा वैज्ञानिक विधि से सोचने की क्षमता विकसित करना चाहिए। कार्यक्रम में छह विद्यालयों के आठ सौ छात्र-छात्राओं के अलावा अध्यापक एवं आसपास के ग्रामीण मौजूद रहे। विद्यालय के प्रधानाचार्य ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में आलोक, प्रवीण सिंह, सौम्या द्विवेदी, प्रदीप तिवारी, मोनू बिंद, अजीत ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। संचालन राजेश सिंह ने किया।
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