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विपणन निरीक्षकों के निलंबन से रोष
Updated Fri, 04 Aug 2017 12:18 AM IST
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मिर्जापुर। यूपी फूड एंड सिविल सप्लाइज इंस्पेक्टर्स ऑफिसर्स एसोसिएशन के तत्वावधान में निरीक्षकों की बैठक बुधवार को हुई। जिसमें खाद्य तथा रसद विभाग के विपणन शाखा में तैनात विपणन निरीक्षकों और क्षेत्रीय विपणन अधिकारियों के निलंबन की निंदा की। साथ ही कर्मचारियों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया।
प्रांतीय अध्यक्ष अजय प्रताप सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के सफल, लीकेज रहित, पारदर्शी एवं ऑनलाइन व्यवस्था के क्रियान्वयन के लिए नीतियों को व्यवहारिक और वास्तविक बनाया जाना चाहिए। क्रियान्वयन के नाम पर विपणन निरीक्षकों का उत्पीड़न किया जा रहा है। एनएफएसए में सप्लाई चेन मैनेजमेंट के तहत अभी तक साफ्टवेयर सुचारु रूप से चालू नहीं हो सका है। बावजूद इसके क्रियान्वयन के नाम पर विपणन निरीक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। एसएमआई प्रेम प्रकाश गिरि ने कहा कि सरकार विपणन निरीक्षकों का निलंबन तत्काल वापस ले, अन्यथा कर्मचारी आंदोलन करेंगे।
विपणन निरीक्षक विशाल आनंद अंबेडकर ने कहा कि सरकार की नीतियां कर्मचारी विरोधी हैं, जिससे कर्मचारियों में आक्रोश है। सांकेतिक प्रदर्शन के दौरान इरफान खान, शालिनी शर्मा, कमलकुंज चौबे, प्रभाशंकर आजाद, लाल साहब बिंद ने भी विचार व्यक्त किया। प्रांतीय मंत्री नारायणजी दूबे ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के हितों की अनदेखी कर रही है। 50 वर्ष पूरा करने वाले कर्मचारियों को जबरन सेवानिवृत्त किया जा रहा है। इसलिए 50 वर्ष पूरा करने वाले सांसद और विधायक की भी सेवानिवृत्ति होनी चाहिए। प्रदर्शन करने वालों में अश्वनी तिवारी, सूरज कनौजिया, शिवेंद्र सिंह पटेल, राजाराम पाठक, कमल, रितेश, पुनीत दूबे, पंकज, शीत शुक्ला, सतीश मिश्रा, सीमा शुक्ला, प्रमिला देवी, मृगेश यादव, राज कुमार यादव, संजीव विश्वकर्मा, छबीले आदि मौजूद रहे।
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प्रांतीय अध्यक्ष अजय प्रताप सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के सफल, लीकेज रहित, पारदर्शी एवं ऑनलाइन व्यवस्था के क्रियान्वयन के लिए नीतियों को व्यवहारिक और वास्तविक बनाया जाना चाहिए। क्रियान्वयन के नाम पर विपणन निरीक्षकों का उत्पीड़न किया जा रहा है। एनएफएसए में सप्लाई चेन मैनेजमेंट के तहत अभी तक साफ्टवेयर सुचारु रूप से चालू नहीं हो सका है। बावजूद इसके क्रियान्वयन के नाम पर विपणन निरीक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। एसएमआई प्रेम प्रकाश गिरि ने कहा कि सरकार विपणन निरीक्षकों का निलंबन तत्काल वापस ले, अन्यथा कर्मचारी आंदोलन करेंगे।
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विपणन निरीक्षक विशाल आनंद अंबेडकर ने कहा कि सरकार की नीतियां कर्मचारी विरोधी हैं, जिससे कर्मचारियों में आक्रोश है। सांकेतिक प्रदर्शन के दौरान इरफान खान, शालिनी शर्मा, कमलकुंज चौबे, प्रभाशंकर आजाद, लाल साहब बिंद ने भी विचार व्यक्त किया। प्रांतीय मंत्री नारायणजी दूबे ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के हितों की अनदेखी कर रही है। 50 वर्ष पूरा करने वाले कर्मचारियों को जबरन सेवानिवृत्त किया जा रहा है। इसलिए 50 वर्ष पूरा करने वाले सांसद और विधायक की भी सेवानिवृत्ति होनी चाहिए। प्रदर्शन करने वालों में अश्वनी तिवारी, सूरज कनौजिया, शिवेंद्र सिंह पटेल, राजाराम पाठक, कमल, रितेश, पुनीत दूबे, पंकज, शीत शुक्ला, सतीश मिश्रा, सीमा शुक्ला, प्रमिला देवी, मृगेश यादव, राज कुमार यादव, संजीव विश्वकर्मा, छबीले आदि मौजूद रहे।
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