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स्वरोजगार को प्रशिक्षित होंगी समूह की महिलाए
Updated Wed, 31 Jan 2018 11:56 PM IST
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मिर्जापुर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद महिलाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराया जाएगा। प्रशिक्षण प्राप्त कर महिलाएं स्वरोजगार कर आत्मनिर्भर होंगी। उक्त बातें जिलाधिकरी बिमल कुमार दुबे ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एनआरएलएम की समीक्षा बैठक के दौरान कहीं।
जिलाधिकारी ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। योजना के तहत कालीन उद्यमियों, बर्तन उद्योग, सिलाई, कढ़ाई, फोल्डर, कैरी बैग, कालीन व दरी बुनाई आदि का प्रशिक्षण मिलेगा। उन्होंने कहा कि कालीन उद्योग जनपद का प्रमुख उद्योग है, इसमें महिला और पुरूष दोनों काम करते हैं। सीडीओ प्रियंका निरंजन ने सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी। कालीन निर्यातक सिद्घनाथ सिंह और विजय गुप्ता ने बताया कि कालीन व दरी क्षेत्र में कार्य करने वाली महिलाओं को उनके द्वारा प्रशिक्षित करके तैयार किया जा रहा है। स्वामी विवेकानंद एजुकेशनल सोसाइटी की प्रबंधक नम्रता श्रीवास्तव ने कहा कि कैरी बैग, फोल्डर आदि बनाने का प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें। वर्तमान समय में महिलाओं द्वारा तैयार सामानों की सिटी क्लब में मेला लगाया गया है। एनआरएलएम उपायुक्त संजय पांडेय ने बताया कि जनपद में 745 समूहों को बनाया गया है। जिसमें 45 हजार महिलाओं को जोड़ा गया है। इन समूह की महिलाओं को बैंक से जोड़ा गया है। कहा कि 21 सौ महिलाओं को प्रशिक्षण के लिए चयनित किया गया है। इस दौरान जनरल मैनेजर कृष्ण कुमार, डीपीआरओ बालेशधर द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
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जिलाधिकारी ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। योजना के तहत कालीन उद्यमियों, बर्तन उद्योग, सिलाई, कढ़ाई, फोल्डर, कैरी बैग, कालीन व दरी बुनाई आदि का प्रशिक्षण मिलेगा। उन्होंने कहा कि कालीन उद्योग जनपद का प्रमुख उद्योग है, इसमें महिला और पुरूष दोनों काम करते हैं। सीडीओ प्रियंका निरंजन ने सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी। कालीन निर्यातक सिद्घनाथ सिंह और विजय गुप्ता ने बताया कि कालीन व दरी क्षेत्र में कार्य करने वाली महिलाओं को उनके द्वारा प्रशिक्षित करके तैयार किया जा रहा है। स्वामी विवेकानंद एजुकेशनल सोसाइटी की प्रबंधक नम्रता श्रीवास्तव ने कहा कि कैरी बैग, फोल्डर आदि बनाने का प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें। वर्तमान समय में महिलाओं द्वारा तैयार सामानों की सिटी क्लब में मेला लगाया गया है। एनआरएलएम उपायुक्त संजय पांडेय ने बताया कि जनपद में 745 समूहों को बनाया गया है। जिसमें 45 हजार महिलाओं को जोड़ा गया है। इन समूह की महिलाओं को बैंक से जोड़ा गया है। कहा कि 21 सौ महिलाओं को प्रशिक्षण के लिए चयनित किया गया है। इस दौरान जनरल मैनेजर कृष्ण कुमार, डीपीआरओ बालेशधर द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
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