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कान के इलाज के पहले दिन एक हजार मरीजों ने कराया रजिस्ट्रेशन
Updated Thu, 07 Sep 2017 01:08 AM IST
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मिर्जापुर। मंडलीय चिकित्सालय के नए भवन में चल रहे मरीजों के रजिस्ट्रेशन व जांच के दौरान बुधवार को कान के एक हजार रोगियों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया। जिनकी वहां मौजूद चिकित्सकों व स्टाफ ने जांच कर दवाइयां वितरण की, साथ ही जिन मरीजों की बीमारी गंभीर थी उनका आपरेशन के लिए चयन किया गया।
बुधवार को कान का इलाज करने के लिए मरीजों की भीड़ मंडलीय चिकित्सालय में उमड़ पड़ी। इतने अधिक मरीज आए थे कि पैर रखने तक की जगह नहीं थी। व्यवस्था डगमगा गई थी। फिर भी मरीज सुबह से शाम तक इलाज कराने के लिए लाइन में लगे रहे। वहीं कर्मचारी भी डटे रहे। कान के रोगियों को मशीन देने में अंकिता सिंह यादव व अन्य स्टाफ लगे रहे। वहीं ब्लडप्रेशर व दवाएं वितरण करने लिए मानसिक रोगियों को जागरुकता पैदा करने वाली श्वेता सिंह समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। बता दें कि लाइफ लाइन एक्सप्रेस ट्रेन में देश के ख्याति प्राप्त चिकित्सकों द्वारा आंख, कान, दात, स्तन कैंसर, मुंह के कैंसर, गर्भाशय के कैंसर, पोलियों व परिवार नियोजन का इलाज किया जा रहा है। 29 से 18 सितंबर तक होने वाले इलाज के दौरान बुधवार को आंख के बार कान रोगियों ने रजिस्ट्रेशन कराया। इस दौरान एक हजार से अधिक रोगियों का रजिस्ट्रेशन किया गया। जिसमें लगभग दो सौ मरीजों के कान में गंभीर बीमारी पाए जाने पर उनको आपरेशन के लिए चयनित किया गया। वही लगभग 500 मरीजों को दवा देकर छोड़ दिया गया। जबकि कुछ मरीजों को कम सुनाई देने पर उनको कान की मशीन वितरण किया गया।
बुधवार को कान का इलाज करने के लिए मरीजों की भीड़ मंडलीय चिकित्सालय में उमड़ पड़ी। इतने अधिक मरीज आए थे कि पैर रखने तक की जगह नहीं थी। व्यवस्था डगमगा गई थी। फिर भी मरीज सुबह से शाम तक इलाज कराने के लिए लाइन में लगे रहे। वहीं कर्मचारी भी डटे रहे। कान के रोगियों को मशीन देने में अंकिता सिंह यादव व अन्य स्टाफ लगे रहे। वहीं ब्लडप्रेशर व दवाएं वितरण करने लिए मानसिक रोगियों को जागरुकता पैदा करने वाली श्वेता सिंह समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। बता दें कि लाइफ लाइन एक्सप्रेस ट्रेन में देश के ख्याति प्राप्त चिकित्सकों द्वारा आंख, कान, दात, स्तन कैंसर, मुंह के कैंसर, गर्भाशय के कैंसर, पोलियों व परिवार नियोजन का इलाज किया जा रहा है। 29 से 18 सितंबर तक होने वाले इलाज के दौरान बुधवार को आंख के बार कान रोगियों ने रजिस्ट्रेशन कराया। इस दौरान एक हजार से अधिक रोगियों का रजिस्ट्रेशन किया गया। जिसमें लगभग दो सौ मरीजों के कान में गंभीर बीमारी पाए जाने पर उनको आपरेशन के लिए चयनित किया गया। वही लगभग 500 मरीजों को दवा देकर छोड़ दिया गया। जबकि कुछ मरीजों को कम सुनाई देने पर उनको कान की मशीन वितरण किया गया।
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