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सूखा घोषित करने की मांग
Updated Fri, 20 Jul 2018 11:44 PM IST
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ड्रमंडगंज। हलिया विकास खंड के दिघुली स्थित शिव मंदिर परिसर में शुक्रवार को हुई बैठक में क्षेत्रीय किसानों ने हलिया क्षेत्र को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की। किसान मजदूर व्यापारी संघर्ष मोर्चा ने ऐसा न होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए ग्राम प्रधान सुभाष चंद्र पटेल ने कहा कि सूखे की स्थिति स्पष्ट होने के बावजूद उच्चाधिकारी व जनप्रतिनिधि अनभिज्ञ बने हुए हैं। बरसात न होने के कारण अभी तक धान की नर्सरी नहीं पड़ पाई है। किसान कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं। किसान मजदूर संघ के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश उर्फ बबलू मिश्र ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की उपेक्षा करना सरकार को मंहगा पड़ सकता है। कहा कि किसान प्रकृति व सूखे के मार से त्रस्त हो चुके हैं। उनके हक व स्वाभिमान के लिए संघर्ष जारी रहेगा। स्थानीय लोगों ने राजस्व कर्मियों पर किसानों के अनदेखी का आरोप लगाया कहा कि क्षेत्र के किसान विगत तीन चार वर्षों से अवर्षण व सूखे चपेट से प्रभावित हैं। किसानों को फसल बीमा योजना एवं राहत राशि का वितरण नहीं किया गया। स्थानीय निवासी छोटेलाल यादव ने बताया कि अवर्षण के चलते नदी नालों एवं कुओं के सूख जाने से पेयजल स्थित बिकट होती जा रही है। उन्होंने शासन स्तर से जांच कराकर पानी आपूर्ति कराने की मांग की। बैठक में सियाराम मौर्य, बृजलाल कोल, पप्पू कुशवाहा, रामगोपाल कोल के अलावा सैकड़ों की संख्या में किसान मौजूद रहे।
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बैठक की अध्यक्षता करते हुए ग्राम प्रधान सुभाष चंद्र पटेल ने कहा कि सूखे की स्थिति स्पष्ट होने के बावजूद उच्चाधिकारी व जनप्रतिनिधि अनभिज्ञ बने हुए हैं। बरसात न होने के कारण अभी तक धान की नर्सरी नहीं पड़ पाई है। किसान कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं। किसान मजदूर संघ के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश उर्फ बबलू मिश्र ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की उपेक्षा करना सरकार को मंहगा पड़ सकता है। कहा कि किसान प्रकृति व सूखे के मार से त्रस्त हो चुके हैं। उनके हक व स्वाभिमान के लिए संघर्ष जारी रहेगा। स्थानीय लोगों ने राजस्व कर्मियों पर किसानों के अनदेखी का आरोप लगाया कहा कि क्षेत्र के किसान विगत तीन चार वर्षों से अवर्षण व सूखे चपेट से प्रभावित हैं। किसानों को फसल बीमा योजना एवं राहत राशि का वितरण नहीं किया गया। स्थानीय निवासी छोटेलाल यादव ने बताया कि अवर्षण के चलते नदी नालों एवं कुओं के सूख जाने से पेयजल स्थित बिकट होती जा रही है। उन्होंने शासन स्तर से जांच कराकर पानी आपूर्ति कराने की मांग की। बैठक में सियाराम मौर्य, बृजलाल कोल, पप्पू कुशवाहा, रामगोपाल कोल के अलावा सैकड़ों की संख्या में किसान मौजूद रहे।
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