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डीएम की गठित कमेटी ने बचाए एक करोड़ 22 लाख
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मिर्जापुर। नगर पालिका परिषद के कार्यों के सत्यापन के बाद डीएम की गठित वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृति समिति की सतर्कता समिति ने एक करोड़ 22 लाख 12 हजार दो सौ 11 रुपये की बचत की।
इस संबंध में डीएम अनुराग पटेल ने बताया कि सफाई व्यवस्था के संबंधित कार्यों में तीन लाख 72 हजार दो सौ 96 रुपये की बचत की गई। पेयजल व्यवस्था में सुधार के लिए 14 लाख 33 हजार 84 रुपये की बचत हुई। जल निकासी योजना में सौ कार्यों में से 14 कार्य पहले ही हो चुके थे। इनके लिए एक करोड़ 22 लाख 12 हजार दो सौ 11 रुपये की राशि दिखाकर इसे हड़पने का प्रयास किया गया था लेकिन समिति की सतर्कता से ऐसा नहीं हो सका। डीएम अनुराग पटेल ने बताया कि कई मदों में कई कार्यों के लिए अधिक धनराशि का आवंटन किया गया था। समिति की सतर्कता से इसको बचाया जा सका जिससे सरकारी धन का अपव्यय नहीं हो सका। उन्होंने कर चोरी के प्रयास का भी आरोप लगाया और कहा कि जीएसटी एवं सीजीएसटी का आगणन भी नहीं किया गया जो कर चोरी का मामला बनता है। उन्होंने कहा कि नपाध्यक्ष मनोज जायसवाल ने नवरात्र मेला के 22 कार्यों को कराए जाने से मना कर दिया जिसके लिए जिला प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था की है। इसी प्रकार एक ट्रस्ट की जमीन पर नपाध्यक्ष के शिविर कार्यालय बनाए जाने पर उनको नोटिस दिया गया लेकिन उन्होंने कब्जा नहीं हटाया। इसके लिए जिला प्रशासन कभी भी कार्रवाई कर कब्जा हटवा सकता है। डीएम ने कहा कि नगर पालिका के कार्यों की नाम पट्टिका में अन्य के साथ क्षेत्रीय विधायक का नाम भी लिखा जाना आवश्यक होता है लेकिन ऐसा नहीं किया गया। नगर विधायक ने इसके लिए शासन में शिकायत की है।
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इस संबंध में डीएम अनुराग पटेल ने बताया कि सफाई व्यवस्था के संबंधित कार्यों में तीन लाख 72 हजार दो सौ 96 रुपये की बचत की गई। पेयजल व्यवस्था में सुधार के लिए 14 लाख 33 हजार 84 रुपये की बचत हुई। जल निकासी योजना में सौ कार्यों में से 14 कार्य पहले ही हो चुके थे। इनके लिए एक करोड़ 22 लाख 12 हजार दो सौ 11 रुपये की राशि दिखाकर इसे हड़पने का प्रयास किया गया था लेकिन समिति की सतर्कता से ऐसा नहीं हो सका। डीएम अनुराग पटेल ने बताया कि कई मदों में कई कार्यों के लिए अधिक धनराशि का आवंटन किया गया था। समिति की सतर्कता से इसको बचाया जा सका जिससे सरकारी धन का अपव्यय नहीं हो सका। उन्होंने कर चोरी के प्रयास का भी आरोप लगाया और कहा कि जीएसटी एवं सीजीएसटी का आगणन भी नहीं किया गया जो कर चोरी का मामला बनता है। उन्होंने कहा कि नपाध्यक्ष मनोज जायसवाल ने नवरात्र मेला के 22 कार्यों को कराए जाने से मना कर दिया जिसके लिए जिला प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था की है। इसी प्रकार एक ट्रस्ट की जमीन पर नपाध्यक्ष के शिविर कार्यालय बनाए जाने पर उनको नोटिस दिया गया लेकिन उन्होंने कब्जा नहीं हटाया। इसके लिए जिला प्रशासन कभी भी कार्रवाई कर कब्जा हटवा सकता है। डीएम ने कहा कि नगर पालिका के कार्यों की नाम पट्टिका में अन्य के साथ क्षेत्रीय विधायक का नाम भी लिखा जाना आवश्यक होता है लेकिन ऐसा नहीं किया गया। नगर विधायक ने इसके लिए शासन में शिकायत की है।
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