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जल निगम कर्मचारियों ने मांगा बकाया वेतन
Updated Wed, 18 Apr 2018 11:47 PM IST
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मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश जल निगम समन्वय समिति के आह्वान पर जल निगम के कर्मचारियों ने बुधवार को नकहरा स्थित कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अधिशासी अभियंता एके सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश की 23 करोड़ की आबादी के सामने शुद्ध पानी का संकट है। सरकार जल निगम कर्मियों के लंबित वेतन, पेंशन, सप्तम वेतनमान का भुगतान करे। उन्होंने कहा कि जल निगम को पूर्व की भांति प्रशासकीय विभाग बनाया जाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ग्रामीण क्षेत्र की 17 करोड़ आबादी में से शुद्घ पेयजल केवल 10 प्रतिशत लोगों को मिल पा रहा है। जबकि छह करोड़ शहरी आबादी में से मात्र 20 प्रतिशत लोगों को सीवर, ड्रेनेज की सुविधा उपलब्ध हो रही है। प्रदेश में सरकार के तमाम दावों के विपरीत आज भी पेयजल संकट कायम है। सरकार इन समस्याओं को ध्यान में नहीं रखते हुए उत्तर प्रदेश जल निगम को समाप्त करने पर लगी हुई है। शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में हैंडपंप रीबोर का कार्य और नए हैंडपंप के अधिष्ठापन का कार्य अन्य संस्थाओं से कराया जा रहा है। संजय कुमार जायसवाल ने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि कर्मचारियों को वेतन और पेंशन के लिए धरना करना पड़ रहा है। सरकार कर्मचारियों की जायज मांगों को जल्द से जल्द पूरा करें। अन्यथा कर्मचारियों को मजबूरन आंदोलन तेज करना पड़ेगा। सुनील कुमार ने कहा कि पेयजल, सीवर कार्य आदि अन्य संस्थाओं और एनजीओ से कराना न्यायसंगत नहीं है।
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