{"_id":"5c1a9601bdec22569a51aee7","slug":"161545246209-mirzapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अघोषित विद्युत कटौती से दिक्कत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अघोषित विद्युत कटौती से दिक्कत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मड़िहान। अघोषित विद्युत कटौती से मड़िहान तहसील क्षेत्र के दस हजार उपभोक्ता प्रभावित हैं। किसानों को सिंचाई की दिक्कत हो रही है। साथ-साथ लघु एवं कुटीर उद्योग घाटे का सौदा साबित हो रहा है। जबकि विभागीय अधिकारी 18 घंटे विद्युत आपूर्ति का दावा करते हैं। मड़िहान कस्बा समेत तहसील, दीपनगर व राजगढ़ में चार सब स्टेशन से तहसील क्षेत्र के उपभोक्ताओं को बिजली दी जाती है। प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना अंतर्गत घर-घर सहज बिजली कनेक्शन दिया जा रहा है, लेकिन बिजली आने-जाने का कोई समय नहीं है। जर्जर व पुराने तार खंभों पर लटक रहे हैं। इस समय रबी फसल की सिंचाई के लिए निजी संसाधन वाले किसानों को बिजली की आवश्यकता है। किसान बिजली कटौती से रबी फसल को बचाने में परेशान हैं। मड़िहान तहसील क्षेत्र में 19 हजार हेक्टेयर सिंचित व 17 हजार हेक्टेयर असिंचित भूमि पर खेती होती है। नहरों का जाल तो बिछा है, लेकिन बांध में ही पानी सीमित है। निजी संसाधन वाले लोग अघोषित बिजली कटौती को लेकर चिंतित हैं।
वर्जन
कटियामारों से ट्रिपिंग हो रही है। पुराने तारों के टूटने से शट डाउन लेना पड़ता है। -सुनील कुमार सहायक अभियंता, विद्युत विभाग मड़िहान।
विज्ञापन
वर्जन
कटियामारों से ट्रिपिंग हो रही है। पुराने तारों के टूटने से शट डाउन लेना पड़ता है। -सुनील कुमार सहायक अभियंता, विद्युत विभाग मड़िहान।