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प्रभु के वनगमन का मंचन देख सजल हुए नयन
Updated Fri, 26 Oct 2018 01:13 AM IST
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जिगना। सरस्वती रामलीला समिति सिहौली की ओर से रामलीला के दौरान बुधवार शाम श्रीराम के वनगमन का भावपूर्ण मंचन किया गया। लीला के क्रम में अयोध्या मे एक तरफ श्रीराम के राज्याभिषेक की तैयारी चल रही थी तो दूसरी ओर मंथरा रानी कैकेई को पुराना वरदान याद कराकर अयोध्या मे हलचल मचा दी। राजा दशरथ ने कैकेई को काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुए और राम को 14 वर्ष का वनवास व भरत जी को राजगद्दी का वरदान दे कर अपने वचन का पालन किया।
लीला के क्रम में नगर व महल मे वरदान की खबर लगते ही खुशी की जगह मातम का नजारा बन गया। नगरवासी कैकेई को दोष देने लगे। कैकेई ने राम को बुलाकर पिता दशरथ के वरदान को सुनाया तो श्रीराम ने कहा कि मै आज धन्य हूं कि माता-पिता का आदेश मिला। जब श्रीराम माता कौशल्या से मुलाकात कर आशीर्वाद लेने गए तो सीता भी साथ चलने को तैयार हो गई। उधर लक्ष्मण भी खबर पाते ही वह भी साथ चलने को तैयार हो गए। श्रीराम, लक्ष्मण, सीता जब अचेतावस्था मे पड़े दशरथ के पास आशीर्वाद लेने पहुंचे और सुमंत ने महाराज जी से आंख खोलने का अनुरोध किया तो उन्होंने सामने राम, सीता, लक्ष्मण को देख हैरत में हो गए और कहा कि मैंने तो एक ही को कहा था तीन कैसे। राजा दशरथ ने कहा कि संसार मे मेरा जैसा पिता और श्रीराम जैसा आज्ञाकारी पुत्र शायद ही कहीं मिले। श्रीराम का अभियन मोहित पांडेय, लक्ष्मण आशू मिश्र, सीता नितेश दूबे व दशरथ उदय शंकर तिवारी, कैकेई राधेश्याम जायसवाल, मंथरा आनंद नाथ दूबे, सुमंत का रोल बीनू दूबे ने किया इस दौरान विजय शंकर पांडेय, राजन दूबे, मुखिया दूबे, प्रमोद दूबे आदि रहे।
लीला के क्रम में नगर व महल मे वरदान की खबर लगते ही खुशी की जगह मातम का नजारा बन गया। नगरवासी कैकेई को दोष देने लगे। कैकेई ने राम को बुलाकर पिता दशरथ के वरदान को सुनाया तो श्रीराम ने कहा कि मै आज धन्य हूं कि माता-पिता का आदेश मिला। जब श्रीराम माता कौशल्या से मुलाकात कर आशीर्वाद लेने गए तो सीता भी साथ चलने को तैयार हो गई। उधर लक्ष्मण भी खबर पाते ही वह भी साथ चलने को तैयार हो गए। श्रीराम, लक्ष्मण, सीता जब अचेतावस्था मे पड़े दशरथ के पास आशीर्वाद लेने पहुंचे और सुमंत ने महाराज जी से आंख खोलने का अनुरोध किया तो उन्होंने सामने राम, सीता, लक्ष्मण को देख हैरत में हो गए और कहा कि मैंने तो एक ही को कहा था तीन कैसे। राजा दशरथ ने कहा कि संसार मे मेरा जैसा पिता और श्रीराम जैसा आज्ञाकारी पुत्र शायद ही कहीं मिले। श्रीराम का अभियन मोहित पांडेय, लक्ष्मण आशू मिश्र, सीता नितेश दूबे व दशरथ उदय शंकर तिवारी, कैकेई राधेश्याम जायसवाल, मंथरा आनंद नाथ दूबे, सुमंत का रोल बीनू दूबे ने किया इस दौरान विजय शंकर पांडेय, राजन दूबे, मुखिया दूबे, प्रमोद दूबे आदि रहे।
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