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रोक के बावजूद सड़कों पर दौड़ रहे ओवरलोड वाहन
Updated Fri, 26 Oct 2018 12:35 AM IST
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मिर्जापुर। सोनभद्र और मध्य प्रदेश से ओवर लोडेड खनन सामग्री से भरे ट्रकों की आवाजाही पर रोक नहीं लग पा रही है। इन पर लगाम लगाने के लिए गठित की गई खनन, आरटीओ, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम के सदस्य भी निरंतर चेकिंग करते नहीं दिखाई देते हैं। कभी-कभार राजस्व वसूली या कार्रवाई का दबाव पड़ने पर एक- दो ट्रक पकड़कर खानापूर्ति की जा रही है। माना जा रहा है कि ओवर लोडेड खनन सामग्री से भरे ट्रकों की आवाजाही पर रोक नहीं लगने से सरकार को प्रतिदिन दस लाख रुपये का चूना लग रहा है।
बीजेपी ने सत्ता में आने से पहले अवैध खनन एवं परिवहन पर पूरी तरह से लगाम लगाने का ऐलान किया था। सत्ता में आने पर अधिकारियों को इस बारे में कार्रवाई करने के आदेश देने पर अधिकारियों ने सक्रियता दिखाकर कार्रवाई करना भी शुरू किया, लेकिन कुछ समय बाद स्थिति जस की तस हो गई। ऐसे में खनन माफियाओं ने ओवरलोड वाहनों का संचालन फिर से शुरू कर दिया। कुछ वाहन मालिकों की मानें तो मध्य प्रदेश से करीब पांच सौ ट्रक ओवरलोड गिट्टी, बालू आदि ड्रमंडगंज के रास्ते जनपद की सीमा में दाखिल होते हैं। ऐसे ही सोनभद्र से भी पांच सौ से सात सौ ट्रक गिट्टी व बालू लोडकर आते हैं। कुछ ट्रक इलाहाबाद जनपद से भी जिले में आते हैं। इन सभी वाहनों का जनपद के मड़िहान, बलहरा, बरकछा, ड्रमंडगंज, लालगंज, करनपुर, चितावनपुर आदि कुछ स्थानों पर मौजूद होटलों के पास अड्डा बनाया गया है। जहां पर सभी पहुंचकर एक साथ खड़े होते है। इसके बाद उनको पास कराने के लिए कुछ लोगों की टीम निकली है। जो अधिकारियों के लोकेशन बताते हुए जनपद की सीमा से इन ट्रकों को बाहर निकलवाने का काम करते हैं। जिन ट्रकों को रोका जाता है उनको बातचीत के माध्यम से छुड़वा लिया जाता है। विभागीय सूत्रों की माने तो ओवरलोड वाहनों पर लगाम नहीं लगने से शासन को प्रतिदिन दस लाख रुपये के राजस्व की हानि हो रही है।
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दो एआरटीओ का स्थानांतरण दूसरे जनपद हो जाने से इधर कार्रवाई कुछ धीमी हो गई थी। पीटीओ के सहारे कार्रवाई की जा रही थी। । एक नए एआरटीओ की तैनाती हुई है अब कार्रवाई में तेजी लाई जाएगी।
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- ओपी सिंह, संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन