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जनपद में बनेंगी 37 बाढ चौकियां
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मिर्जापुर। कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को संभावित बाढ़ के नियंत्रण के लिए सिंचाई विभाग, राजस्व विभाग, जलनिगम सहित अन्य सभी सम्बंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की गई। साथ ही इस संभावित आपदा के पूर्व राहत कार्य व बचाव से संबंधित सभी व्यवस्थायें कराने का निर्देश दिया गया। बताया गया कि जिले में 37 बाढ़ चौकियां स्थापित की जाएंगी।
जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि वर्षाकाल से पूर्व ही बाए नियंत्रण कक्ष की स्थापना की जाये तथा सभी बाढ चौकियों पर राजस्व विभाग व सिंचाई विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर उनके उपर निगरानी करने के लिये सुरवाइजरों की भी तैनाती की जाये। उन्होंने कहा कि ड्यूटी में लगाये गये अधिकारियों व कर्मचारियों का नाम, पद नाम व मोबाइल नंबर बाढ़ से संबंधित बुकलेट के साथ अपर जिलाधिकारी सहित सभी उप जिला मजिस्ट्रेट को उपलब्ध कराए जाएं। जिलाधिकारी कहा कि तहसील सदर एवं चुनार में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती है तथा जल भराव होता है। ऐसी स्थिति में उप जिलाधिकारी चुनार व सदर ऐसे स्थानों को चिह्नित कर जन निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कर लें तथा सभी नगर पालिकाओं के अधिशासी अधिकारी अपन-अपने क्षेत्रों में नालियों आदि की समुचित सफाई वर्षाकाल से पूर्व कराएं। ताकि वर्षाकाल में पानी सुगमता से निकल जाये और जलभराव की स्थित उत्पन्न न होने पाये। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग, नहर प्रखंड, सिंरसी बांध प्रखंड मिर्जापुर एवं चुनार अपने-अपने कार्यक्षेत्र से संबंधित सभी जलाशयों, बॉंध व वियर आदि के गेटों की आयलिंग, ग्रीसिंग आदि का कार्य आगामी 15 जून से पूर्व किसी भी दशा में कराकरा उसकी टेस्टिंग आदि करा लें। इसके अलावा बाढ़ व अन्य के लिए सभी विभागों को कार्य सौंपे गए और उसके अनुसार कार्य करने को कहा गया।
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सोमवार को बाढ़ राहत कार्यों को लेकर हुई बैठक में बताया गया कि जिले में गंगा सहित 10 नदियां हैं। मुख्य नदी गंगा नदी तथा शेष 09 छोटी सहायक नदियां है। जिसमें लालगंज तहसील अंतर्गत बेलन नदी, बकहर नदी, अदवॉं नदी, धोरी नदी तथा सुखनर्द नदियां है।
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सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया चुनार तहसील अंतर्गत जरगो, गरई तथा पहिती नदी, मड़िहान तहसील अंतर्गत खजुरी नदी एवं सदर व चुनार अंतर्गत गंगा नदी है।
अधिशासी अभियंता सिंचाई ने बताया कि जनपद में बाढ़ से दो तहसील सदर व चुनार तथा विकास खंड सिटी, कोन, छानबे, मझंवा, सीखड़ व नरायनपुर सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। गंगा नदी के खतरे का निशान बिंदु 77.724 मीटर है। उन्होंने बताया कि जनपद में कुल 37 बाढ1 चौकियों की खोली जाएंगी। इसमें कर्मचारियों की ड्यूटी 24 घंटे के लिये लगायी जायेगी। यह भी जिला स्तर पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है। जिसका दूरभाष नंबर 05442-256552 कलेक्ट्रेट मिर्जापुर तथा दूसरा नंबर 05442-252589 जो सिंचाई विभाग, सिंचाई कालोनी फतहां में स्थित है। तीन शिफ्ट में लगाये गये सिंचाई विभाग के कर्मचारियों में एक जूनियर इंजीनियर, एक तारबाबू, एक लिपिक, दो चपरासी, दो धावक तथा राजस्व विभाग या विकास विभाग के अधिकारी/कर्मचारी रहेंगे। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी यूपीसिंह, उप जिलाधिकारी सदर गौरव श्रीवास्तव, चुनार सत्यप्रकाश सिंह, क्षेत्राधिकारी चुनार संजय सिंह, सदर सुधीर कुमार, जिला विकास अधिकारी एएल मिश्र, जिला पूर्ति अधिकारी, अपर मुख्य अधिकारी, अधिशासी अभियंता सिंचाई, जलनिगम, लोक निर्माण विभाग बिजली विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि वर्षाकाल से पूर्व ही बाए नियंत्रण कक्ष की स्थापना की जाये तथा सभी बाढ चौकियों पर राजस्व विभाग व सिंचाई विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर उनके उपर निगरानी करने के लिये सुरवाइजरों की भी तैनाती की जाये। उन्होंने कहा कि ड्यूटी में लगाये गये अधिकारियों व कर्मचारियों का नाम, पद नाम व मोबाइल नंबर बाढ़ से संबंधित बुकलेट के साथ अपर जिलाधिकारी सहित सभी उप जिला मजिस्ट्रेट को उपलब्ध कराए जाएं। जिलाधिकारी कहा कि तहसील सदर एवं चुनार में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती है तथा जल भराव होता है। ऐसी स्थिति में उप जिलाधिकारी चुनार व सदर ऐसे स्थानों को चिह्नित कर जन निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कर लें तथा सभी नगर पालिकाओं के अधिशासी अधिकारी अपन-अपने क्षेत्रों में नालियों आदि की समुचित सफाई वर्षाकाल से पूर्व कराएं। ताकि वर्षाकाल में पानी सुगमता से निकल जाये और जलभराव की स्थित उत्पन्न न होने पाये। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग, नहर प्रखंड, सिंरसी बांध प्रखंड मिर्जापुर एवं चुनार अपने-अपने कार्यक्षेत्र से संबंधित सभी जलाशयों, बॉंध व वियर आदि के गेटों की आयलिंग, ग्रीसिंग आदि का कार्य आगामी 15 जून से पूर्व किसी भी दशा में कराकरा उसकी टेस्टिंग आदि करा लें। इसके अलावा बाढ़ व अन्य के लिए सभी विभागों को कार्य सौंपे गए और उसके अनुसार कार्य करने को कहा गया।
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कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सोमवार को बाढ़ राहत कार्यों को लेकर हुई बैठक में बताया गया कि जिले में गंगा सहित 10 नदियां हैं। मुख्य नदी गंगा नदी तथा शेष 09 छोटी सहायक नदियां है। जिसमें लालगंज तहसील अंतर्गत बेलन नदी, बकहर नदी, अदवॉं नदी, धोरी नदी तथा सुखनर्द नदियां है।
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सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया चुनार तहसील अंतर्गत जरगो, गरई तथा पहिती नदी, मड़िहान तहसील अंतर्गत खजुरी नदी एवं सदर व चुनार अंतर्गत गंगा नदी है।
अधिशासी अभियंता सिंचाई ने बताया कि जनपद में बाढ़ से दो तहसील सदर व चुनार तथा विकास खंड सिटी, कोन, छानबे, मझंवा, सीखड़ व नरायनपुर सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। गंगा नदी के खतरे का निशान बिंदु 77.724 मीटर है। उन्होंने बताया कि जनपद में कुल 37 बाढ1 चौकियों की खोली जाएंगी। इसमें कर्मचारियों की ड्यूटी 24 घंटे के लिये लगायी जायेगी। यह भी जिला स्तर पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है। जिसका दूरभाष नंबर 05442-256552 कलेक्ट्रेट मिर्जापुर तथा दूसरा नंबर 05442-252589 जो सिंचाई विभाग, सिंचाई कालोनी फतहां में स्थित है। तीन शिफ्ट में लगाये गये सिंचाई विभाग के कर्मचारियों में एक जूनियर इंजीनियर, एक तारबाबू, एक लिपिक, दो चपरासी, दो धावक तथा राजस्व विभाग या विकास विभाग के अधिकारी/कर्मचारी रहेंगे। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी यूपीसिंह, उप जिलाधिकारी सदर गौरव श्रीवास्तव, चुनार सत्यप्रकाश सिंह, क्षेत्राधिकारी चुनार संजय सिंह, सदर सुधीर कुमार, जिला विकास अधिकारी एएल मिश्र, जिला पूर्ति अधिकारी, अपर मुख्य अधिकारी, अधिशासी अभियंता सिंचाई, जलनिगम, लोक निर्माण विभाग बिजली विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।