{"_id":"5c09710abdec2241a3230212","slug":"151544122634-mirzapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"उचित मुआवजा देने के बाद ही लें किसानों की जमीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उचित मुआवजा देने के बाद ही लें किसानों की जमीन
Updated Fri, 07 Dec 2018 12:32 AM IST
विज्ञापन
चुनार। भारतीय किसान यूनियन (भानु) के तत्वावधान में अधिग्रहण किए गए भूमि का उचित मुआवजा देने व अन्य किसान संबंधित समस्याओं को लेकर प्रस्तावित दस दिवसीय सांकेतिक सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया गया। इसके तहत गुरुवार दोपहर वाराणसी-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित चुनार बस स्टैंड के समीप आधे सड़क पर बैठकर विरोध जताया गया।
किसानों ने कहा कि देश के सभी किसानों का कर्ज माफ किया जाए। किसानों को भी अपनी फसल का दाम उद्योगपतियों की भांति स्वयं तय करने के लिए किसान आयोग गठित किया जाए। किसानों का गन्ना बकाया भुगतान सूद सहित एक मुश्त किया जाय, किसान के आकस्मिक मृत्यु पर परिजनों को एक करोड़ रुपया सहायता राशि दिया जाय किसानों को नि:शुल्क बिजली, चिकित्सा, पेयजल आदि सुविधाएं दी जाएं। इसके साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग सात टेंगरा मोड़ वाराणसी से हनुमान (मध्य प्रदेश) तक सड़क चौड़ीकरण में किसानों की ली जाने वाली भूमि का उन्हें उचित मुआवजा व प्रति किसान को पांच लाख रुपया पुनर्वास देने के बाद ही जमीन ली जाय। इस दौरान धर्मदेव उपाध्याय, फणिंद्र श्रीवास्तव, करुणा शंकर शुक्ला, सुरेश सिंह, अंजना पटेल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
किसानों ने कहा कि देश के सभी किसानों का कर्ज माफ किया जाए। किसानों को भी अपनी फसल का दाम उद्योगपतियों की भांति स्वयं तय करने के लिए किसान आयोग गठित किया जाए। किसानों का गन्ना बकाया भुगतान सूद सहित एक मुश्त किया जाय, किसान के आकस्मिक मृत्यु पर परिजनों को एक करोड़ रुपया सहायता राशि दिया जाय किसानों को नि:शुल्क बिजली, चिकित्सा, पेयजल आदि सुविधाएं दी जाएं। इसके साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग सात टेंगरा मोड़ वाराणसी से हनुमान (मध्य प्रदेश) तक सड़क चौड़ीकरण में किसानों की ली जाने वाली भूमि का उन्हें उचित मुआवजा व प्रति किसान को पांच लाख रुपया पुनर्वास देने के बाद ही जमीन ली जाय। इस दौरान धर्मदेव उपाध्याय, फणिंद्र श्रीवास्तव, करुणा शंकर शुक्ला, सुरेश सिंह, अंजना पटेल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन