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वर्ष 2015 में राजकीय विद्यालयों में शुरु हुई थी भर्ती प्रक्रिया
Updated Sat, 18 Nov 2017 12:10 AM IST
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मिर्जापुर। फर्जी कागजात के आधार पर राजकीय विद्यालयों में शिक्षा विभाग में नौकरी पाने वालों पर आज तक कोई कार्रवाई नही हुई है। संयुक्त शिक्षा निदेशक के निर्देश पर तत्कालीन डीआईओएस देवी सहाय तिवारी ने 307 अभ्यर्थियों की सूची भेज कर एफआईआर दर्ज कराने की संस्तुति की थी। इसके बाद से पुलिस अधीक्षक द्वारा विभाग से कागजात की मांग किया गया है लेकिन आज तक विभाग ने कागजात उपलब्ध नही कराया है।
विंध्याचल मंडल में राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों के नियुक्ति के लिए भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2015 से शुरू हुई थी। इसके लिए संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय में दो लाख 64 हजार आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनकी काउंसलिंग कराई गई थी। संयुक्त शिक्षा विभाग द्वारा अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराना शुरू किया तो लगभग 305 अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र फर्जी मिले। तत्कालीन संयुक्त शिक्षा निदेशक ने चयनित शिक्षकोें के भुगतान पर रोक लगा दी। जिन्होंने ड्यूटी ज्वाइन नहीं किया था, उसकी ज्वाइनिंग रोक दी गई। तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक देवी सहाय तिवारी को संबंधित शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। इसके बाद जेडी कार्यालय ने पुलिस को कोई कागजात उपलब्ध नहीं कराया। लिहाजा आज तक कोई कार्रवाई नही हो सकी है।
राजकीय विद्यालयों में फर्जी कागजातों के आधार पर नौकरी पाने वाले अभ्यर्थियों के खिलाफ जांच व कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है। इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया गया है। जांच के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी। - कामता राम पाल, संयुक्त शिक्षा निदेशक।
विंध्याचल मंडल में राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों के नियुक्ति के लिए भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2015 से शुरू हुई थी। इसके लिए संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय में दो लाख 64 हजार आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनकी काउंसलिंग कराई गई थी। संयुक्त शिक्षा विभाग द्वारा अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराना शुरू किया तो लगभग 305 अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र फर्जी मिले। तत्कालीन संयुक्त शिक्षा निदेशक ने चयनित शिक्षकोें के भुगतान पर रोक लगा दी। जिन्होंने ड्यूटी ज्वाइन नहीं किया था, उसकी ज्वाइनिंग रोक दी गई। तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक देवी सहाय तिवारी को संबंधित शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। इसके बाद जेडी कार्यालय ने पुलिस को कोई कागजात उपलब्ध नहीं कराया। लिहाजा आज तक कोई कार्रवाई नही हो सकी है।
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राजकीय विद्यालयों में फर्जी कागजातों के आधार पर नौकरी पाने वाले अभ्यर्थियों के खिलाफ जांच व कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है। इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया गया है। जांच के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी। - कामता राम पाल, संयुक्त शिक्षा निदेशक।
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