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15 हजार मानदेय की मांग
ब्यूरो/अमर उजाला/ मिर्जापुर
Updated Fri, 05 Feb 2016 12:51 AM IST
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आदर्श लोक शिक्षा प्रेरक वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में प्रेरकों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। प्रेरकों ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को पत्रक भेज कर मानदेय 15 हजार करने की मांग किया।
जिससे प्रेरक अपने परिवारवालों को जीविकोपार्जन कर सकें।
एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार मिश्रा ने कहा कि साक्षर योजना के तहत ग्राम पंचायतों में लोक शिक्षा केंद्रों पर प्रेरकों की नियुक्त किया गया है।
प्रेरकों को दो हजार मानदेय दिया जा रहा है, लेकिन वर्तमान में महंगाई के कारण प्रेरकों को जीवन यापन करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि मनरेगा मजदूरों को 161 रूपया प्रतिदिन की दर से भुगतान किया जा रहा है। इसी तरह प्ररेकों को भी 15 हजार रूपया मानदेय भुगतान किया जाए।
विंध्यवासिनी यादव ने कहा कि प्रतिवर्ष जिले में कार्यरत प्रेरकों को नवीनीकरण के नाम पर परेशान किया जाता है। जबकि शासनादेश के अनुसार प्रेरकों को 31 मार्च 2017 तक के लिए कर दिया गया है।
विंध्यवासिनी यादव ने कहा कि प्रेरकों द्वारा कराए गए सर्वे कार्य का भुगतान किया जाए। साथ ही प्रेरकों ने आठ माह का बकाया मानदेय भुगतान करने की भी मांग किया।
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मंजूलता ने कहा कि मानदेय को ई पेमेंट के माध्यम से भुगतान किया जाए।
प्रदर्शन करने वालो में मानेंद्र बहादुर सिंह, विनय चंद्र यादव, महेंश चंद्र तिवारी, सुशील उपाध्याय, विमल चंद्र यादव, अविनाश प्रताप सिंह, रमेश कुमार बिंद, संजय कुमार बिंद, रमेश बिंद, श्यामजी, सुजीता, सुमन, राजेश कुमार, कृष्णकांत तिवारी मौजूद थे।
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जिससे प्रेरक अपने परिवारवालों को जीविकोपार्जन कर सकें।
एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार मिश्रा ने कहा कि साक्षर योजना के तहत ग्राम पंचायतों में लोक शिक्षा केंद्रों पर प्रेरकों की नियुक्त किया गया है।
प्रेरकों को दो हजार मानदेय दिया जा रहा है, लेकिन वर्तमान में महंगाई के कारण प्रेरकों को जीवन यापन करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि मनरेगा मजदूरों को 161 रूपया प्रतिदिन की दर से भुगतान किया जा रहा है। इसी तरह प्ररेकों को भी 15 हजार रूपया मानदेय भुगतान किया जाए।
विंध्यवासिनी यादव ने कहा कि प्रतिवर्ष जिले में कार्यरत प्रेरकों को नवीनीकरण के नाम पर परेशान किया जाता है। जबकि शासनादेश के अनुसार प्रेरकों को 31 मार्च 2017 तक के लिए कर दिया गया है।
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विंध्यवासिनी यादव ने कहा कि प्रेरकों द्वारा कराए गए सर्वे कार्य का भुगतान किया जाए। साथ ही प्रेरकों ने आठ माह का बकाया मानदेय भुगतान करने की भी मांग किया।
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मंजूलता ने कहा कि मानदेय को ई पेमेंट के माध्यम से भुगतान किया जाए।
प्रदर्शन करने वालो में मानेंद्र बहादुर सिंह, विनय चंद्र यादव, महेंश चंद्र तिवारी, सुशील उपाध्याय, विमल चंद्र यादव, अविनाश प्रताप सिंह, रमेश कुमार बिंद, संजय कुमार बिंद, रमेश बिंद, श्यामजी, सुजीता, सुमन, राजेश कुमार, कृष्णकांत तिवारी मौजूद थे।