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चार सालों में बढ़ी बेरोजगारी
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अदलहाट। पूर्व एमएलसी एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजेशपति त्रिपाठी ने कहा कि चार सालों में बेरोजगारी बढ़ी है। सरकार बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की समस्या से आम नागरिक का ध्यान भटकाना चाहती है।
पूर्व विधान परिषद सदस्य राजेशपति त्रिपाठी पूर्व जिला पंचायत सदस्य साधुचरण पांडेय के आवास पर पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मनरेगा में प्रत्येक वर्ष 70 हजार करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित कर गरीबों को रोजगार दिया जाता था, उसे घटाकर 35 हजार करोड़ कर दिया गया। जिसके कारण जहां मनरेगा में कार्य हुआ है, वहां तीन से चार माह की मजदूरी का भुगतान नहीं हो पाया। देश में इतनी बेरोजगारी कभी नहीं थी। जो चार सालों में बढ़ी है। देश में अमीरी-गरीबी का फासला बढ़ रहा है। किसान अपनी फसल को नहीं बेच पाया। कहा कि शिवरात्रि पर बरसात हो रही है। फसल भी अच्छी होगी, किसान रबी की फसल भी सही मूल्य पर नहीं बेच पाएगा। उन्होंने कहा कि हिटलर से बड़ा कोई तानाशाह नहीं था। उसने भी ध्यान बंटाने के लिए समूह विशेष और धर्म के लोगों को खतरा बताकर देश से अलग कर दिया। इस मौके पर साधुचरण पांडेय, आशा पांडेय, कैलाशनाथ उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
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पूर्व विधान परिषद सदस्य राजेशपति त्रिपाठी पूर्व जिला पंचायत सदस्य साधुचरण पांडेय के आवास पर पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मनरेगा में प्रत्येक वर्ष 70 हजार करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित कर गरीबों को रोजगार दिया जाता था, उसे घटाकर 35 हजार करोड़ कर दिया गया। जिसके कारण जहां मनरेगा में कार्य हुआ है, वहां तीन से चार माह की मजदूरी का भुगतान नहीं हो पाया। देश में इतनी बेरोजगारी कभी नहीं थी। जो चार सालों में बढ़ी है। देश में अमीरी-गरीबी का फासला बढ़ रहा है। किसान अपनी फसल को नहीं बेच पाया। कहा कि शिवरात्रि पर बरसात हो रही है। फसल भी अच्छी होगी, किसान रबी की फसल भी सही मूल्य पर नहीं बेच पाएगा। उन्होंने कहा कि हिटलर से बड़ा कोई तानाशाह नहीं था। उसने भी ध्यान बंटाने के लिए समूह विशेष और धर्म के लोगों को खतरा बताकर देश से अलग कर दिया। इस मौके पर साधुचरण पांडेय, आशा पांडेय, कैलाशनाथ उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
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