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कार्बनिक खेती को बढ़ाव दे ग्रामीण
Updated Sun, 10 Dec 2017 12:17 AM IST
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सीखड़ (मिर्जापुर)।
क्षेत्र स्थित भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान में परिर्वतनीय जलवायु परिवेश में सब्जी फसलों से खाद्य एवं पोषण सुरक्षा विषय पर तीन दिवसीय संगोष्ठी का शुभारंभ शनिवार को हुआ। शुभारंभ केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। उन्होंने कहा विगत वर्षों में जलवायु परिवर्तन तेजी से हुआ है। जिससे असमय वर्षा, अधिक व कम तापमान, बाढ़ आदि की समस्या बढ़ रही है। इसके निपटने के लिए कार्बनिक खेती को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने कहा कि किसान पशु पालन करके गोबर खाद का प्रयोग करें। इससे वातावरण को प्रदूषण से बचाया जा सकता है।
संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए उप निदेशक उद्यान आनंद कुमार ने अल्प उपयोगी सब्जियों पर शोध के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला। संस्थान निदेशक डा. विजेंद्र सिंह ने स्वागत करते हुए सब्जियों के पोषण, सुरक्षा आदि पर प्रकाश डाला। पूर्व कुलपति डा. कल्लू गौतम ने परिवर्तनीय जलवायु में प्रतिरोधी जीनों के उपयोग पर प्रकाश डाला। केंद्रीय राज्यमंत्री ने कीर्ति सिंह को जीवन पर्यंत उपलब्धि पुरस्कार, डा. विजेंद्र सिंह को डा. विश्वजीत स्मृति पुरस्कार, डा. अरुण कुमार सिंह को द्वारिकानाथ स्मृति पुरस्कार, डा. सेल्वा कुमार को डा. हरभजन सिंह स्मृति पुरस्कार प्रदान किया गया। धन्यवाद ज्ञापन डा. केवी पीटर ने किया।
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क्षेत्र स्थित भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान में परिर्वतनीय जलवायु परिवेश में सब्जी फसलों से खाद्य एवं पोषण सुरक्षा विषय पर तीन दिवसीय संगोष्ठी का शुभारंभ शनिवार को हुआ। शुभारंभ केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। उन्होंने कहा विगत वर्षों में जलवायु परिवर्तन तेजी से हुआ है। जिससे असमय वर्षा, अधिक व कम तापमान, बाढ़ आदि की समस्या बढ़ रही है। इसके निपटने के लिए कार्बनिक खेती को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने कहा कि किसान पशु पालन करके गोबर खाद का प्रयोग करें। इससे वातावरण को प्रदूषण से बचाया जा सकता है।
संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए उप निदेशक उद्यान आनंद कुमार ने अल्प उपयोगी सब्जियों पर शोध के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला। संस्थान निदेशक डा. विजेंद्र सिंह ने स्वागत करते हुए सब्जियों के पोषण, सुरक्षा आदि पर प्रकाश डाला। पूर्व कुलपति डा. कल्लू गौतम ने परिवर्तनीय जलवायु में प्रतिरोधी जीनों के उपयोग पर प्रकाश डाला। केंद्रीय राज्यमंत्री ने कीर्ति सिंह को जीवन पर्यंत उपलब्धि पुरस्कार, डा. विजेंद्र सिंह को डा. विश्वजीत स्मृति पुरस्कार, डा. अरुण कुमार सिंह को द्वारिकानाथ स्मृति पुरस्कार, डा. सेल्वा कुमार को डा. हरभजन सिंह स्मृति पुरस्कार प्रदान किया गया। धन्यवाद ज्ञापन डा. केवी पीटर ने किया।
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