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ग्रामसभा की जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए उच्चन्यायालय का आदेश
Updated Sun, 02 Sep 2018 11:44 PM IST
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मड़िहान। लालगंज कलवारी मार्ग पर अमोई गांव में कीमती भूखंड पर अतिक्रमण मामले में हाईकोर्ट ने याची ग्राम प्रधान के पक्ष में फैसला सुनाते हुए का जमीन से अतिक्रमण हटवाने का आदेश जिलाधिकारी को दिया है।
लालगंज कलवारी की मुख्य सड़क पर अमोई गांव सभा के नाम से तहसील अभिलेख में दो हेक्टेयर जमीन अंकित है। गांव सभा की जमीन हथियाने के लिए कुछ लोगों ने तहसील कर्मियों की मिलीभगत से जमीन का फर्जी इंद्राज अभिलेखों में दर्ज करा लिया था। खतौनी बदलते ही वे लोग ग्रामसभा की जमीन पर कब्जा जमाने लगे। अवैध ढंग से गांव सभा की जमीन पर काबिज होने की जानकारी ग्रामीणों को हुई तो विरोध किया। ग्राम प्रधान घनश्याम कोल के नेतृत्व में ग्रामीण तहसील व जिले के आला अधिकारियों से शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कई बार धरना प्रदर्शन के बाद सिर्फ आश्वासन ही मिला। अंत में ग्राम प्रधान घनश्याम कोल हाई कोर्ट की शरण में चला गया। अभिलेखों को खंगालने के बाद न्यायालय ने गांव सभा के पक्ष में निर्णय करते हुए जमीन से अतिक्रमण हटवाने का आदेश जिलाधिकारी को दिया है।
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लालगंज कलवारी की मुख्य सड़क पर अमोई गांव सभा के नाम से तहसील अभिलेख में दो हेक्टेयर जमीन अंकित है। गांव सभा की जमीन हथियाने के लिए कुछ लोगों ने तहसील कर्मियों की मिलीभगत से जमीन का फर्जी इंद्राज अभिलेखों में दर्ज करा लिया था। खतौनी बदलते ही वे लोग ग्रामसभा की जमीन पर कब्जा जमाने लगे। अवैध ढंग से गांव सभा की जमीन पर काबिज होने की जानकारी ग्रामीणों को हुई तो विरोध किया। ग्राम प्रधान घनश्याम कोल के नेतृत्व में ग्रामीण तहसील व जिले के आला अधिकारियों से शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कई बार धरना प्रदर्शन के बाद सिर्फ आश्वासन ही मिला। अंत में ग्राम प्रधान घनश्याम कोल हाई कोर्ट की शरण में चला गया। अभिलेखों को खंगालने के बाद न्यायालय ने गांव सभा के पक्ष में निर्णय करते हुए जमीन से अतिक्रमण हटवाने का आदेश जिलाधिकारी को दिया है।
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