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जल निगम कर्मियों ने मांगा सप्तम वेतनमान
Updated Thu, 05 Jul 2018 11:43 PM IST
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प्रदर्शन करते जलनिगमकर्मी
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मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश जल निगम समन्वय समिति के तत्वावधान में जल निगम के इंजीनियरों और कर्मचारियों द्वारा गुरुवार से धरना प्रदर्शन शुरू किया गया। वे इंजीनियर जल निगम को पूर्व की भांति प्रशासकीय विभाग बनाने और जल निगम कर्मियों का लंबित वेतन, पेंशन, सप्तम वेतनमान की मांग कर रहे थे।
इस अवसर पर अध्यक्षता करते हुए प्रवीण चौरसिया ने कहा कि सरकार उनकी जायज मांगों पर कोई सुनवाई नहीं कर रही है। इससे कर्मचारियों में काफी रोष व्याप्त है। अधिशासी अभियंता जल निगम एके सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश ग्रामीण क्षेत्र की 17 करोड़ आबादी में से शुुद्घ पेयजल केवल 13 प्रतिशत लोगों को मिल पा रहा है। वहीं छह करोड़ शहरी आबादी में से मात्र 20 प्रतिशत लोगों को सीवर, ड्रेनेज की सुविधा मिल पा रही है। प्रदेेश सरकार के तमाम वादों के विपरीत आज भी पेयजल संकट कायम है। सरकार इन समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है। वर्तमान में उक्त कार्यों की कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश जल निगम को समाप्त करने पर अड़ी हुई है। उदयनाथ सिंह यादव ने कहा कि इसका प्रत्यक्ष प्रमाण शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के हैंडपंप रिबोर का कार्य और नए हैंडपंपों के अधिष्ठापन का कार्य अन्य संस्थाओं द्वारा कराया जाना है। सेंटेज पर कार्य कर रही उत्तर प्रदेश जल निगम की कार्य प्रणाली प्रभावित हो रही है। इस अवसर पर विकास अग्रहरि, दिनेश कुशवाहा, सुनील कुमार सिंह, धीरेंद्र प्रताप सिंह, अरूण कुमार, यशवंत प्रजापति, नर्वदेश्वर आनंद, उदयनारायण, दीनानाथ पाल, किशुनराम आदि ने प्रदर्शन किया।
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इस अवसर पर अध्यक्षता करते हुए प्रवीण चौरसिया ने कहा कि सरकार उनकी जायज मांगों पर कोई सुनवाई नहीं कर रही है। इससे कर्मचारियों में काफी रोष व्याप्त है। अधिशासी अभियंता जल निगम एके सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश ग्रामीण क्षेत्र की 17 करोड़ आबादी में से शुुद्घ पेयजल केवल 13 प्रतिशत लोगों को मिल पा रहा है। वहीं छह करोड़ शहरी आबादी में से मात्र 20 प्रतिशत लोगों को सीवर, ड्रेनेज की सुविधा मिल पा रही है। प्रदेेश सरकार के तमाम वादों के विपरीत आज भी पेयजल संकट कायम है। सरकार इन समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है। वर्तमान में उक्त कार्यों की कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश जल निगम को समाप्त करने पर अड़ी हुई है। उदयनाथ सिंह यादव ने कहा कि इसका प्रत्यक्ष प्रमाण शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के हैंडपंप रिबोर का कार्य और नए हैंडपंपों के अधिष्ठापन का कार्य अन्य संस्थाओं द्वारा कराया जाना है। सेंटेज पर कार्य कर रही उत्तर प्रदेश जल निगम की कार्य प्रणाली प्रभावित हो रही है। इस अवसर पर विकास अग्रहरि, दिनेश कुशवाहा, सुनील कुमार सिंह, धीरेंद्र प्रताप सिंह, अरूण कुमार, यशवंत प्रजापति, नर्वदेश्वर आनंद, उदयनारायण, दीनानाथ पाल, किशुनराम आदि ने प्रदर्शन किया।
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