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डिलेवरी के लिए भटकती रही विकलांग महिला
Updated Fri, 29 Dec 2017 12:33 AM IST
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मिर्जापुर। सत्ता बदलने के बावजूद जिला महिला चिकित्सालय की व्यवस्था नहीं सुधर रही है। आज भी मरीज इलाज व डिलेवरी कराने के लिए परेशान हो रहे है। ऐसा ही एक मामला गुरुवार को उस वक्त देखने को मिला जब देहात कोतवाली क्षेत्र के पहाड़ी गांव की एक विकलांग गर्भवती महिला अपनी डिलवेरी कराने के लिए डाक्टरों के सामने फरियाद लगाती रही लेकिन उसकी एक न सुनी गई। काफी प्रयास के बाद जब सुना गया तो उसे रेफर कर दिया गया। यहीं नहीं इंसानियत की सारी हदे पाकर करते हुए स्वास्थ्य कर्मियों ने उसे व्हील चेयर तक नहीं दिया। इससे वह पैदल ही चिकित्सालय में टहलती रही।
पहाड़ी गांव निवासिनी सीमा यादव पत्नी उमाशंकर विकलांग है। पिछले कुछ महीने से वह गर्भवती है। प्रसव पीड़ा होने पर बुधवार को जिला महिला चिकित्सालय में डिलेवरी कराने आई थी, लेकिन बुधवार से ही डाक्टर समेत अन्य कर्मचारी उसका इलाज करने की बजाय उसे फटकार लगा रहे है। इससे वह मायूस होकर डाक्टरों के यहां चक्कर लगा रही है। गुरुवार को एक बार फिर हिम्मत कर डाक्टरों के पास गई। परिवार के लोगों ने डिलवेरी कराने की गुहार लगाई लेकिन किसी ने उसकी एक न सुनी। काफी प्रयास किया तो उसे वाराणसी रेफर कर दिया गया। विकलांग महिला को व्हील चेयर तक नहीं दिया गया। इससे वह पैदल ही पूरे अस्पताल में टहलने के लिए विवश रही। अस्पताल कर्मियों का यह व्यवहार देख सभी ने नाराजगी जताई।
जिला महिला चिकित्सालय में गुरुवार को प्रसव कराने आई महिलाए मीटिंग चलने के कारण परेशान रही। काफी देर तक वह आपरेशन कराने के लिए परिसर में बैठी रही। नाराज लोगों ने हंगामा किया तब लोग बाहर आए। कहा कि मीटिंग के बाद उनका इलाज किया जाएगा।
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गुरुवार को स्वास्थ्य संबंधी मीटिंग चल रही थी। उसी में सभी शामिल हुए थे। कोई गंभीर मरीज नहीं था इसलिए लोग नहीं पहुंचे। गंभीर मरीज होता तो जरुर पहुंचकर आपरेशन करते।- किरण कला, मुख्य चिकित्साधीक्षका जिला महिला चिकित्सालय
पहाड़ी गांव निवासिनी सीमा यादव पत्नी उमाशंकर विकलांग है। पिछले कुछ महीने से वह गर्भवती है। प्रसव पीड़ा होने पर बुधवार को जिला महिला चिकित्सालय में डिलेवरी कराने आई थी, लेकिन बुधवार से ही डाक्टर समेत अन्य कर्मचारी उसका इलाज करने की बजाय उसे फटकार लगा रहे है। इससे वह मायूस होकर डाक्टरों के यहां चक्कर लगा रही है। गुरुवार को एक बार फिर हिम्मत कर डाक्टरों के पास गई। परिवार के लोगों ने डिलवेरी कराने की गुहार लगाई लेकिन किसी ने उसकी एक न सुनी। काफी प्रयास किया तो उसे वाराणसी रेफर कर दिया गया। विकलांग महिला को व्हील चेयर तक नहीं दिया गया। इससे वह पैदल ही पूरे अस्पताल में टहलने के लिए विवश रही। अस्पताल कर्मियों का यह व्यवहार देख सभी ने नाराजगी जताई।
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जिला महिला चिकित्सालय में गुरुवार को प्रसव कराने आई महिलाए मीटिंग चलने के कारण परेशान रही। काफी देर तक वह आपरेशन कराने के लिए परिसर में बैठी रही। नाराज लोगों ने हंगामा किया तब लोग बाहर आए। कहा कि मीटिंग के बाद उनका इलाज किया जाएगा।
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गुरुवार को स्वास्थ्य संबंधी मीटिंग चल रही थी। उसी में सभी शामिल हुए थे। कोई गंभीर मरीज नहीं था इसलिए लोग नहीं पहुंचे। गंभीर मरीज होता तो जरुर पहुंचकर आपरेशन करते।- किरण कला, मुख्य चिकित्साधीक्षका जिला महिला चिकित्सालय