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अघोषित बिजली कटौती से बच्चों का पठन पाठन हो रहा बाधित
Updated Sat, 16 Dec 2017 12:22 AM IST
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चुनार। नगर में अघोषित बिजली कटौती से नगरवासी आजिज आ चुके हैं। बिजली कटौती के कारण लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। बिजली कटौती से बच्चों के पठन पाठन व महिलाओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अघोषित बिजली कटौती से नगरवासियों में विभाग के प्रति आक्रोश व्याप्त है।
नगर में शाम ढलते ही बिजली गुल हो जा रही है। इससे नगरवासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शाम को जब लोगों को बिजली की आवश्यकता रहती है, उसी समय पूरा नगर अंधेरे में डूब जाता है। इससे पेयजल आपूर्ति समय से नहीं हो रहा है। गृहणियों को जहां घरेलू कामकाज में दिक्कतें झेलनी पड़ रही है। वहीं बच्चों के पठन पाठन में बिजली कटौती समस्या बनी हुई है। अघोषित बिजली कटौती से बच्चे तैयारी नहीं कर पा रहे हैं। जबकि बोर्ड परीक्षा का प्रैक्टिकल 15 दिसंबर से प्रारंभ हो गया है। फरवरी माह में बोर्ड की परीक्षा भी होना सुनिश्चित है। प्रतिदिन शाम को बिजली कटौती रहने से व्यापार चौपट होता जा रहा है। बिजली कटौती से जिनके पास इंवर्टर है, उनका काम तो किसी तरह चल रहा है। लेकिन छोटे व्यापारी जिनके पास इंवर्टर की व्यवस्था नहीं है, वह मजबूरी में इमरजेंसी लाइटों पर गुजर बसर कर रहे हैं। नगर के अधिकांश लोग शाम को अपने दैनिक कार्यों से खाली होकर बाजार में निकलते हैं और गृहस्थी संबंधित वस्तुओं की खरीदारी करते हैं, लेकिन बिजली कट जाने के कारण रहने से लोग बाजार से वापस चले जा रहें हैं। ठंड के दिनों में प्राय: अंधेरे का लाभ उठाते हुए चोरों द्वारा चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। नगर में हो रही बिजली कटौती को लेकर लगभग छह माह पहले नगर के भाजपाइयों ने चुनार स्थित बिजली कैंप कार्यालय पर धरना प्रदर्शन कर बिजली कटौती में सुधार किए जाने की आवाज उठायी थी। विरोध प्रदर्शन के बाद बिजली कटौती से लोगों को राहत मिला था। नगर पालिका चुनाव बीतने के बाद ही पुन: अघोषित बिजली कटौती शुरू हो गयी है, जिससे नगरवासियों में आक्रोश व्याप्त है।
नगर में शाम ढलते ही बिजली गुल हो जा रही है। इससे नगरवासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शाम को जब लोगों को बिजली की आवश्यकता रहती है, उसी समय पूरा नगर अंधेरे में डूब जाता है। इससे पेयजल आपूर्ति समय से नहीं हो रहा है। गृहणियों को जहां घरेलू कामकाज में दिक्कतें झेलनी पड़ रही है। वहीं बच्चों के पठन पाठन में बिजली कटौती समस्या बनी हुई है। अघोषित बिजली कटौती से बच्चे तैयारी नहीं कर पा रहे हैं। जबकि बोर्ड परीक्षा का प्रैक्टिकल 15 दिसंबर से प्रारंभ हो गया है। फरवरी माह में बोर्ड की परीक्षा भी होना सुनिश्चित है। प्रतिदिन शाम को बिजली कटौती रहने से व्यापार चौपट होता जा रहा है। बिजली कटौती से जिनके पास इंवर्टर है, उनका काम तो किसी तरह चल रहा है। लेकिन छोटे व्यापारी जिनके पास इंवर्टर की व्यवस्था नहीं है, वह मजबूरी में इमरजेंसी लाइटों पर गुजर बसर कर रहे हैं। नगर के अधिकांश लोग शाम को अपने दैनिक कार्यों से खाली होकर बाजार में निकलते हैं और गृहस्थी संबंधित वस्तुओं की खरीदारी करते हैं, लेकिन बिजली कट जाने के कारण रहने से लोग बाजार से वापस चले जा रहें हैं। ठंड के दिनों में प्राय: अंधेरे का लाभ उठाते हुए चोरों द्वारा चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। नगर में हो रही बिजली कटौती को लेकर लगभग छह माह पहले नगर के भाजपाइयों ने चुनार स्थित बिजली कैंप कार्यालय पर धरना प्रदर्शन कर बिजली कटौती में सुधार किए जाने की आवाज उठायी थी। विरोध प्रदर्शन के बाद बिजली कटौती से लोगों को राहत मिला था। नगर पालिका चुनाव बीतने के बाद ही पुन: अघोषित बिजली कटौती शुरू हो गयी है, जिससे नगरवासियों में आक्रोश व्याप्त है।
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