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छठवीं ट्रेन से मिर्जापुर, सोनभद्र के 126 श्रमिक आए

Tue, 19 May 2020 10:30 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 19 May 2020 10:30 PM IST
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126 workers from Mirzapur, Sonbhadra arrived by sixth train
रेलवे स्टेशन के बाहर खड़ी बस की ओर जाते श्रमिकों के परिवार। - फोटो : MIRZAPUR
मिर्जापुर। अजमेर से मंगलवार को श्रमिक एक्सप्रेस से मिर्जापुर और सोनभद्र के 126 श्रमिक आए। ट्रेन सुबह साढ़े 11 बजे मिर्जापुर रेलवे स्टेशन पर पहुंची। स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर ट्रेन के पहुंचने पर एडीएम यूपी सिंह, एएसपी सिटी प्रकाश स्वरूप पांडेय, सीओ सदर सजंय सिंह, सीओ सिटी सुधीर कुमार, आरपीएफ के असिस्टेंट कामंडेंट प्रेम चंद पंजाबी, स्टेशन अधीक्षक रविंद्र कुमार, आरपीएफ प्रभारी रजनीश राय, कटरा कोतवाल रमेश यादव, देहात कोतवाल अभय सिंह, महिला थाना प्रभारी सीमा सिंह ने ताली बजाकर यात्रियों का स्वागत किया। आरपीएफ और जीआरपी के एक-एक जवान एक-एक बोगी पर खड़े थे। सबसे पहले ट्रेन के स्टेशन पर रूकने के बाद हर बोगी पर नंबर चस्पा किया गया और उसके आगे क्रम संख्या का स्टैंड लगाया गया। इसके बाद जिला वार यात्रियों को बोगी से बाहर निकाला गया। ट्रेन से सिर्फ मिर्जापुर और सोनभद्र के लोग आए थे। डाक्टरों की टीम ने उनकी जांच कर बस से घर के लिए रवाना किया। इसमें मिर्जापुर के 25 और सोनभद्र के 101 श्रमिक आए। जिन्हेें तीन बसों पर बैठा कर घर भेजा गया। रात में एक और ट्रेन श्रमिकों को लेकर आएगी।
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अजमेर में फंसा नेत्रहीन सहवान पहुंचा मिर्जापुर
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। प्रयागराज जिले के मेजा के कोहड़ार घाट मई खुर्द गांव निवासी नेत्रहीन सहवान अली लाकडाउन के दौरान अमजेर में ही फंस गया। मंगलवार को अजमेर से आने वाली ट्रेन से वापस आया। ट्रेन प्रयागराज रुकी पर उसे उतरने नहीं दिया गया, इसके चलते वह मिर्जापुर पहुंच गया। पुलिसकर्मियों ने उसे स्टेशन पर रोक कर शाम को आने वाली ट्रेन से जाने वाले श्रमिकों को बस में बैठाकर प्रयागराज भेजने की बात कही।
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क्षेत्र निवासी 35 वर्षीय सहवान अली नेत्रहीन है। उसकी शादी ढाई वर्ष पूर्व हुई थी। उसकी डेढ़ वर्ष की पुत्री है। सहवान अली ने बताया कि शादी के बाद उसने परिवार के खुशी लिए अजमरे शरीफ का जियारत करने की सोचा था। बताया कि 18 मार्च को वह अजमेर शरीफ जियारत करने गया। वापस लौटने से पहले लाकडाउन लगने के वह नहीं लौट सका। बताया कि वहां अजमेर शरीफ के खादिम उसे भोजन देते थे। ट्रेन के चलने के बारे में भी उन्होंने बताया। ट्रेन पर चढ़कर वापस आ रहा था। प्रयागराज में गाड़ी रुकी पर उसे उतरने नहीं दिया गया। इसके चलते मिर्जापुर आ गया। परिवार से फोन पर बात हुई है।
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बिहार-झारखंड के सैकड़ों श्रमिक पहुुंचे स्टेशन
मिर्जापुर। ट्रकों के जरिए बिहार और झारखंड के सैकड़ों मजदूर मिर्जापुर पहुंचे। मिर्जापुर पहुंचने ट्रकों ने उन्हें उतार दिया। इसके बाद सभी मिर्जापुर रेलवे स्टेशन पहुंचे। श्रमिकों ने बताया कि वे पश्चिम बंगाल में काम करते थे। ट्रक से तीन-तीन हजार रुपया देकर सवार हुए। रेलवे स्टेशन पर नगर मजिस्ट्रेट जगदंगा सिंह सीओ सिटी सुधीर कुमार ने सभी से बता की। बताया कि शाम को ट्रेन आएगी। उससे जाने वाले बस से उनको घर भेजा जाएगा।
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