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सीएमओ के आदेश के बावजूद कर्मचारी को नहीं मिला वेतन
Updated Sun, 17 Dec 2017 12:25 AM IST
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मिर्जापुर। सीएमओ कार्यालय के लिपिक अपने अफसर के आदेश की परवाह नहीं करते हैं। पड़री स्वास्थ्य केंद्र के एक कर्मचारी का वेतन जारी करने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने आदेश दिया। इसके बावजूद लिपिक उसे तीन महीने से चक्कर लगवा रहे हैं।
इजहार अहमद स्वास्थ्य पर्यवेक्षक के पद पड़री पीएचसी पर तैनात हैं। उन्होंने 11 सितंबर से 22 अक्तूबर तक 42 दिन का उपार्जित अवकाश लिया था। उनके छुट्टी पर हने के दौरान ही एसीएमओ डा. वीएस राय स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचे और इजहार अहमद को गैरहाजिर मान कर एक दिन का वेतन काटने का निर्देश जारी कर दिया। साथ ही अक्टूबर का वेतन रोक दिया। छुट्टी से लौटने के बाद जब इजहार ने सीएमओ को सारी बताई तो सीएमओ डा. एसके उपाध्याय ने वेतन जारी करने का आदेश दिया। इसके बावजूद लिपिकों ने वेतन जारी नहीं किया। स्वास्थ्य केंद्र के सात लोगों का वेतन रोका गया था। उसमें चार ने अपना वेतन लिपिकों से पास करा लिया लेकिन मजहर का वेतन सीएमओ के आदेश के बावजूदजारी नहीं हुआ। लिपिक ने कोई न कोई बहाना बनाकर उसका रोका है।
इजहार अहमद स्वास्थ्य पर्यवेक्षक के पद पड़री पीएचसी पर तैनात हैं। उन्होंने 11 सितंबर से 22 अक्तूबर तक 42 दिन का उपार्जित अवकाश लिया था। उनके छुट्टी पर हने के दौरान ही एसीएमओ डा. वीएस राय स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचे और इजहार अहमद को गैरहाजिर मान कर एक दिन का वेतन काटने का निर्देश जारी कर दिया। साथ ही अक्टूबर का वेतन रोक दिया। छुट्टी से लौटने के बाद जब इजहार ने सीएमओ को सारी बताई तो सीएमओ डा. एसके उपाध्याय ने वेतन जारी करने का आदेश दिया। इसके बावजूद लिपिकों ने वेतन जारी नहीं किया। स्वास्थ्य केंद्र के सात लोगों का वेतन रोका गया था। उसमें चार ने अपना वेतन लिपिकों से पास करा लिया लेकिन मजहर का वेतन सीएमओ के आदेश के बावजूदजारी नहीं हुआ। लिपिक ने कोई न कोई बहाना बनाकर उसका रोका है।
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