मिर्जापुर। टीबी रोगियों के घर पर जाकर इलाज के लिए चलाए गए मोबाइल वैन अभियान का शनिवार को समापत किया गया। क्षय विभाग के डिस्ट्रिक्ट कॉर्डिनेटर सतीश शंकर यादव ने बताया कि कार्यक्रम जनपद के हलिया, पटेहरा, चुनार, चिल्ह, कछवा क्षेत्र के दुर्गम एरिया में 27 जुलाई से चलाया जा रहा था। जिसमें कुल टीबी के संदिग्ध 76 मरीजों के बलगम की जांच की गई। जांचो उपरांत 12 टीबी के पॉजिटिव मरीज मिले। जिनकी दवा तत्काल क्षय विभाग द्वारा शुरू कराई जा चुकी है। बताया कि भारत सरकार द्वारा देश को टीबी रोग मुक्त देश बनाने के लिए मरीजों के हित में लगातार नई-नई योजनाओं को संचालित करते हुए देश को 2025 तक टीबी जैसे जान लेवा बीमारी से पूर्ण रूप से मुक्त करने के उद्देश्य से टीबी रोगियों की जांच कराई जा रही है। कोरोना के दुष्य प्रभाव के चलते सरकारी स्तर पर मिल रही नि:शुल्क सुविधाओं को प्राप्त करने से वंचित हैं। उनके लिए सरकार द्वारा अब उनके घर तक मेडिकल मोबाइल वैंन टीम को भेज कर उच्च स्तरीय सीबी नाट मशीन से तत्काल उन संदिग्ध मरीजों का बलगम जांच कराकर उन्हें चौबीस घंटे के अंदर दवा आदि सुविधाएं दिलाने का कार्य कर रही है। वैंन टीम के साथ समरेन्द्र कुमार, प्रदीप कुमार, अनिल कुमार, सुशील पाल के साथ साथ आशा कर्मी भी रहे।