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जीएसटी की विसंगतियों पर व्यापारी उग्र, दिया धरना
Updated Thu, 15 Feb 2018 11:12 PM IST
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मिर्जापुर। जीएसटी में खामियों के विरोध में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के आह्वान पर व्यापारियों ने गुरुवार को डंकीनगंज स्थित वाणिज्य कर कार्यालय पर प्रदर्शन कर धरना दिया। इस दौरान व्यापारियों ने समस्याओं को दूर करने की मांग की। संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष शत्रुघ्न केशरी ने वित्त मंत्री को संबोधित छह सूत्री मांग पत्र संयुक्त आयुक्त जीएसटी एसके श्रीवास्तव को सौंपा।
धरना सभा में प्रदेश उपाध्यक्ष शत्रुघ्न केशरी ने कहा कि जीएसटी पोर्टल सात माह के बाद भी ठीक ढंग से काम नहीं कर रहा है। जुलाई 2017 का जीएसटी आर दो और आर तीन रिटर्न आज तक नहीं जमा हो पाया हैं। पोर्टल की जानकारी, दक्षता व तकनीकी कमजोरी से व्यापारी ई-वे बिल निकालने के लिए जूझ रहे हैं। इससे व्यापारी परेशान व हैरान हैं। वहीं जीएसटी के अधिकारी निश्चिंत हैं। कहा कि सर्वर फेल रहने से ई-वे बिल एवं जीएसटी एन फाइल अपलोड करने में व्यापारियों को परेशानी हो रही है। सरकार ने शीघ्र ही व्यापारियों की समस्याओं को नहीं समझा तो व्यापारी सड़क पर उतरेंगे। जिलाध्यक्ष संजय सिंह गहरवार ने कहा कि जीएसटी आरबी थ्री का बोझ अनावश्यक रूप से व्यापारियों पर डाला गया है। जीएसटी आर एक, दो व तीन भी भरना जरूरी है। कहा कि जीएसटी में व्यापारियों को एक रिटर्न या त्रैमासिक रिटर्न भरने की अनिवार्यता रखी जाए ताकि पोर्टल सुचारु रूप से काम कर सके। इससे व्यापारी आसानी से टैक्स जमा कर पाएंगे और सरकार का राजस्व बढ़ेगा। पूर्व पालिका अध्यक्ष दीपचंद्र जैन ने कहा कि व्यापार मंडल को बिना सूचना दिए व्यापारियों के प्रतिष्ठानों की जांच न करें। सर्वे व छापे भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। इस पर तत्काल रोक लगाई जाय। जिला उपाध्यक्ष शैलेंद्र अग्रहरि ने कहा कि एक देश एक टैक्स व एक बाजार के नारे को सार्थक करने के लिए आवश्यक ई-वे बिल व्यवस्था को समाप्त किया जाय। साथ ही जीएसटी की दरें दो या तीन रखी जाएं। धरना प्रदर्शन में आलोक जायसवाल, पूनम चंद्र जैन, रामबाबू कसेरा, देवेंद्र सिंह, जीएसटी बार कौंसिल के अध्यक्ष धर्मेंद्र साध, अनिल अग्रवाल, शिव मुंदड़ा, मनोज जैन, आफाक अहमद, गौरव खेमका, अखिलेश केशरी, आयुष सिंह, अहमद अली, गुलाम हुसैन आदि शामिल रहे।
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धरना सभा में प्रदेश उपाध्यक्ष शत्रुघ्न केशरी ने कहा कि जीएसटी पोर्टल सात माह के बाद भी ठीक ढंग से काम नहीं कर रहा है। जुलाई 2017 का जीएसटी आर दो और आर तीन रिटर्न आज तक नहीं जमा हो पाया हैं। पोर्टल की जानकारी, दक्षता व तकनीकी कमजोरी से व्यापारी ई-वे बिल निकालने के लिए जूझ रहे हैं। इससे व्यापारी परेशान व हैरान हैं। वहीं जीएसटी के अधिकारी निश्चिंत हैं। कहा कि सर्वर फेल रहने से ई-वे बिल एवं जीएसटी एन फाइल अपलोड करने में व्यापारियों को परेशानी हो रही है। सरकार ने शीघ्र ही व्यापारियों की समस्याओं को नहीं समझा तो व्यापारी सड़क पर उतरेंगे। जिलाध्यक्ष संजय सिंह गहरवार ने कहा कि जीएसटी आरबी थ्री का बोझ अनावश्यक रूप से व्यापारियों पर डाला गया है। जीएसटी आर एक, दो व तीन भी भरना जरूरी है। कहा कि जीएसटी में व्यापारियों को एक रिटर्न या त्रैमासिक रिटर्न भरने की अनिवार्यता रखी जाए ताकि पोर्टल सुचारु रूप से काम कर सके। इससे व्यापारी आसानी से टैक्स जमा कर पाएंगे और सरकार का राजस्व बढ़ेगा। पूर्व पालिका अध्यक्ष दीपचंद्र जैन ने कहा कि व्यापार मंडल को बिना सूचना दिए व्यापारियों के प्रतिष्ठानों की जांच न करें। सर्वे व छापे भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। इस पर तत्काल रोक लगाई जाय। जिला उपाध्यक्ष शैलेंद्र अग्रहरि ने कहा कि एक देश एक टैक्स व एक बाजार के नारे को सार्थक करने के लिए आवश्यक ई-वे बिल व्यवस्था को समाप्त किया जाय। साथ ही जीएसटी की दरें दो या तीन रखी जाएं। धरना प्रदर्शन में आलोक जायसवाल, पूनम चंद्र जैन, रामबाबू कसेरा, देवेंद्र सिंह, जीएसटी बार कौंसिल के अध्यक्ष धर्मेंद्र साध, अनिल अग्रवाल, शिव मुंदड़ा, मनोज जैन, आफाक अहमद, गौरव खेमका, अखिलेश केशरी, आयुष सिंह, अहमद अली, गुलाम हुसैन आदि शामिल रहे।
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