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मजदूर के अभाव में नहीं हो पा रही धान की कटाई
Updated Wed, 05 Dec 2018 11:48 PM IST
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शेरवां। विकास खंड जमालपुर क्षेत्र के मजदूरों को ईंट-भट्टे पर चले जाने से किसानों की धान की कटाई प्रभावित हो रही है। कृषकों को मजदूरों के लिए गांव-गांव भटकना पड़ रहा है, बावजूद मजदूर नहीं मिल रहे हैं। आलम यह है कि धान की कटाई नहीं होने से रबी की फसल की बुवाई पिछड़ रही है। रबी की फसल मे गेहूं एवं जौ, चना, मसूर, मटर, सरसों, तीसी कई फसलों की बुवाई का समय 20 नवंबर से 10 दिसंबर तक का ही है। किसानों का मानना है कि इसके बाद बोई जाने वाली फसलों में पैदावार की कमी आती है।
धान के कटोरे के नाम से विख्यात विकास खंड जमालपुर में मजदूरों की कमी के चलते समय से धान की कटाई व बुवाई के लिए साधन संपन्न किसान बिहार, मध्यप्रदेश, झारखंड प्रांत से मजदूर बुलाकर धान की कटाई कर रहे हैं। क्षेत्र के लघु किसान समय से खेती-बारी का कार्य संपन्न करने को परेशान हैं, वहीं किसानों के खेतों से नमी गायब हो रही है। मजदूरों की कमी व रबी की फसल की बुवाई में हो रहे विलंब के साथ-साथ मौसम में हो रहे उतार चढ़ाव के चलते किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी हो गई हैं।
धान की कटाई का कार्य नवंबर के प्रथम सप्ताह में ही शुरू हो जाता है। धान की कटाई का कार्य शुरू होते ही ईंट-भट्टे के मालिकों द्वारा मजदूरों को एक साल की अग्रिम मजदूरी व नगदी देकर ईंट पथवाने के लिए बुला लिए जाने से किसानों को रबी व खरीफ की फसल की कटाई के लिए समस्या उत्पन्न हो गई है। विकास खंड जमालपुर के किसान महेंद्र नाथ सिंह, संजय सिंह, मंगला सिंह, दूध नाथ यादव, राम आसरे यादव, विजय प्रकाश सिंह, संतोष चौबे, श्रीकांत द्विवेदी, राजेश तिवारी आदि किसानों ने जिलाधिकारी से रबी व खरीफ की फसल की कटाई के समय नवंबर-दिसंबर व अप्रैल-मई माह में ईंट भट्टे पर ईंट की पथाई पर रोक लगाने की मांग की है।
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धान के कटोरे के नाम से विख्यात विकास खंड जमालपुर में मजदूरों की कमी के चलते समय से धान की कटाई व बुवाई के लिए साधन संपन्न किसान बिहार, मध्यप्रदेश, झारखंड प्रांत से मजदूर बुलाकर धान की कटाई कर रहे हैं। क्षेत्र के लघु किसान समय से खेती-बारी का कार्य संपन्न करने को परेशान हैं, वहीं किसानों के खेतों से नमी गायब हो रही है। मजदूरों की कमी व रबी की फसल की बुवाई में हो रहे विलंब के साथ-साथ मौसम में हो रहे उतार चढ़ाव के चलते किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी हो गई हैं।
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धान की कटाई का कार्य नवंबर के प्रथम सप्ताह में ही शुरू हो जाता है। धान की कटाई का कार्य शुरू होते ही ईंट-भट्टे के मालिकों द्वारा मजदूरों को एक साल की अग्रिम मजदूरी व नगदी देकर ईंट पथवाने के लिए बुला लिए जाने से किसानों को रबी व खरीफ की फसल की कटाई के लिए समस्या उत्पन्न हो गई है। विकास खंड जमालपुर के किसान महेंद्र नाथ सिंह, संजय सिंह, मंगला सिंह, दूध नाथ यादव, राम आसरे यादव, विजय प्रकाश सिंह, संतोष चौबे, श्रीकांत द्विवेदी, राजेश तिवारी आदि किसानों ने जिलाधिकारी से रबी व खरीफ की फसल की कटाई के समय नवंबर-दिसंबर व अप्रैल-मई माह में ईंट भट्टे पर ईंट की पथाई पर रोक लगाने की मांग की है।
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