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खाद्यान न मिलने खफा ग्रामीणों ने जड़ा तहसील गेट पर ताला
Updated Tue, 05 Jun 2018 11:16 PM IST
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मड़िहान। सूखा राहत पैकेज न मिलने से खफा विकास खंड पटेहरा क्षेत्र के बड़ी संख्या में ग्रामीणों मंगलवार को संपूर्ण समाधान दिवस पर तहसील पहुंच कर हंगामा किया। खाद्यान्न की मांग को लेकर ग्रामीणों ने तहसील के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया। सूचना पर पुलिस पहुंची तो अंत्योदय कार्ड धारक आक्रोशित होकर नारेबाजी करने लगे। सभागार में फरियाद सुनना छोड़ मौके पर पहुंच जिलाधिकारी ने जांच के आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत कराया।
प्रधान संघ अध्यक्ष ओम प्रकाश सिंह व पटेहरा कला के ग्राम प्रधान अमृतलाल कोल के संयुक्त नेतृत्व में अंत्योदय लाभार्थियों ने प्रदर्शन किया। उनका आरोप था कि मड़िहान तहसील में 53 गांव के 2558 लोगों को सूखा राहत अनुदान पैकेज दिया जाना था लेकिन तहसील प्रशासन की लापरवाही से किसी को दो तीन बार मिल चुका तो किसी को एक बार भी नहीं प्राप्त हुआ। सैकड़ों लाभार्थी योजना लाभ से वचित रह गए। ग्रामीणों ने लेखपाल व तहसील कर्मियों पर सौतेला करने का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने तहसील के मुख्य गेट बंद कर अधिकारियों के रास्ते को बंद कर दिया। गेट बंद होने की सूचना पर पहुंचे पुलिसकर्मियों को देखते ही ग्रामीण न सिर्फ उग्र हो गए बल्कि नारेबाजी करने लगे। ग्रामीण मौके पर डीएम को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। जैसे ही जिलाधिकारी को इसकी जानकारी हुई तो वह फरियाद सुनना छोड़ ग्रामीणों के पास पहुंचे और जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण हुए।
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प्रधान संघ अध्यक्ष ओम प्रकाश सिंह व पटेहरा कला के ग्राम प्रधान अमृतलाल कोल के संयुक्त नेतृत्व में अंत्योदय लाभार्थियों ने प्रदर्शन किया। उनका आरोप था कि मड़िहान तहसील में 53 गांव के 2558 लोगों को सूखा राहत अनुदान पैकेज दिया जाना था लेकिन तहसील प्रशासन की लापरवाही से किसी को दो तीन बार मिल चुका तो किसी को एक बार भी नहीं प्राप्त हुआ। सैकड़ों लाभार्थी योजना लाभ से वचित रह गए। ग्रामीणों ने लेखपाल व तहसील कर्मियों पर सौतेला करने का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने तहसील के मुख्य गेट बंद कर अधिकारियों के रास्ते को बंद कर दिया। गेट बंद होने की सूचना पर पहुंचे पुलिसकर्मियों को देखते ही ग्रामीण न सिर्फ उग्र हो गए बल्कि नारेबाजी करने लगे। ग्रामीण मौके पर डीएम को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। जैसे ही जिलाधिकारी को इसकी जानकारी हुई तो वह फरियाद सुनना छोड़ ग्रामीणों के पास पहुंचे और जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण हुए।
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