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योगी सरकार में आदिवासी न्याय के लिए भटक रहे, नहीं सुन रहे अधिकारी
Updated Fri, 16 Feb 2018 11:44 PM IST
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मिर्जापुर। पहाड़ी ब्लाक के हुरुआ गांव के लोगों ने सुरक्षित जमीन और तालाब पर से अवैध कब्जा हटाने की मांग को लेकर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। कहा कि इसकी एसडीएम से लेकर थाने तक की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
हुरूआ गांव के आदिवासी बारबार जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर न्याय के लिए भटकने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि हुरुआ मौजा में 15 बिस्वा दस धूर कोल जाति के लिए सुरक्षित भूमि है। इस पर गांव के कुछ लोग कब्जा कर रहे हैं। विरोध जताने पर मारपीट करने पर उतारू हो जा रहे हैं। मामले की शिकायत गांव के प्रधान, एसडीएम सदर और थाने में की गई लेकिन सुनवाई नहीं हुई। पिछले दिनों जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर न्याय की गुहार लगाई तो उन्होंने एसडीएम को मौके जाकर मामले की जांच कर कार्रवाई करने को कहा लेकिन वह नहीं गए। इसके चलते उन्हें फिर प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होना पड़ा। प्रदर्शन में रामकुमार, राजकुमार, राजेश, बृजेश, कमला, अजय, श्याम कुमारी, गुडडू, कल्लू, मंगल, रामलखन, मीना देवी, काशी, आदि सैकड़ों आदिवासी शामिल रहे।
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हुरूआ गांव के आदिवासी बारबार जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर न्याय के लिए भटकने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि हुरुआ मौजा में 15 बिस्वा दस धूर कोल जाति के लिए सुरक्षित भूमि है। इस पर गांव के कुछ लोग कब्जा कर रहे हैं। विरोध जताने पर मारपीट करने पर उतारू हो जा रहे हैं। मामले की शिकायत गांव के प्रधान, एसडीएम सदर और थाने में की गई लेकिन सुनवाई नहीं हुई। पिछले दिनों जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर न्याय की गुहार लगाई तो उन्होंने एसडीएम को मौके जाकर मामले की जांच कर कार्रवाई करने को कहा लेकिन वह नहीं गए। इसके चलते उन्हें फिर प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होना पड़ा। प्रदर्शन में रामकुमार, राजकुमार, राजेश, बृजेश, कमला, अजय, श्याम कुमारी, गुडडू, कल्लू, मंगल, रामलखन, मीना देवी, काशी, आदि सैकड़ों आदिवासी शामिल रहे।
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