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धूमधाम से मना धनवंतरी महोत्सव
Updated Mon, 23 Oct 2017 12:31 AM IST
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चुनार। विश्व आयुर्वेद परिषद एवं एपेक्स इंस्टीट्यूट आफ आयुर्वेदिक मेडिसिन चुनार के संयुक्त तत्वावधान में इंस्टिट्यूट के सभागार में धन्वन्तरी महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व कुलपति वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय आरा एवं विभागाध्यक्ष भौतिकी काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रो. आरपी सिंह ने चिकित्सकों के देवता धनवंतरी जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया।
मुख्य अतिथि ने सम्बोधित करते हुए कहा कि आयुर्वेद चिकित्सा में तुलसी अत्यंत महत्वपूर्ण व सभी विकारों को दूर करने में सहायक है। तुलसी की कुछ पत्तियों के नियमित सेवन से होने वाली तमाम रोगों से बचा जा सकता है।
मुख्य अतिथि सहित विशिष्ट अतिथि डा. के के दिवेदी ने भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद एवं सदस्य विश्व आयुर्वेद परिषद, डा. राजीव शुक्ला सदस्य विश्व आयुर्वेद परिषद एवं प्रधानाचार्य शिएट फार्मेसी कालेज वाराणसी, डा. एलबी सिंह निदेशक जे एस आयुर्वेद मेडिकल कालेज नाडीयाड गुजरात व डा मधु सूदन ने आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए लोगों को अपनाने की सलाह दी। कार्यक्रम में आए सभी अतिथियों को इंस्टिट्यूट के चेयरमैन डा. एसके सिंह, डा. स्वरूप सिंह, डा. राजेश कुमार, डा. अनिल, डा. बृजेश ने यथार्थ गीता की पुस्तक भेंट किया। कार्यक्रम समापन से पूर्व इंस्टिट्यूट्स परिसर में अतिथियों द्वारा औषधीय पौधरोपड़ किया गया। संचालन संजीव शर्मा ने किया।
मुख्य अतिथि ने सम्बोधित करते हुए कहा कि आयुर्वेद चिकित्सा में तुलसी अत्यंत महत्वपूर्ण व सभी विकारों को दूर करने में सहायक है। तुलसी की कुछ पत्तियों के नियमित सेवन से होने वाली तमाम रोगों से बचा जा सकता है।
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मुख्य अतिथि सहित विशिष्ट अतिथि डा. के के दिवेदी ने भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद एवं सदस्य विश्व आयुर्वेद परिषद, डा. राजीव शुक्ला सदस्य विश्व आयुर्वेद परिषद एवं प्रधानाचार्य शिएट फार्मेसी कालेज वाराणसी, डा. एलबी सिंह निदेशक जे एस आयुर्वेद मेडिकल कालेज नाडीयाड गुजरात व डा मधु सूदन ने आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए लोगों को अपनाने की सलाह दी। कार्यक्रम में आए सभी अतिथियों को इंस्टिट्यूट के चेयरमैन डा. एसके सिंह, डा. स्वरूप सिंह, डा. राजेश कुमार, डा. अनिल, डा. बृजेश ने यथार्थ गीता की पुस्तक भेंट किया। कार्यक्रम समापन से पूर्व इंस्टिट्यूट्स परिसर में अतिथियों द्वारा औषधीय पौधरोपड़ किया गया। संचालन संजीव शर्मा ने किया।
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