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Mirzapur News: प्रसाद में जहर देने के दोषी को 10 साल का कारावास
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मिर्जापुर। शहर कोतवाली क्षेत्र के पुरानी तहसील गली में सात साल पहले प्रसाद में जहर देने के मामले में दर्ज मुकदमे की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट ऋषा जोशी की अदालत ने बृहस्पतिवार को दोषी को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट 49 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
नीलम वर्मा ने तहरीर देकर बताया कि आठ अक्तूबर की रात साढ़े आठ बजे उनके भाई सुनील सिन्हा के घर कुछ परिचित आए थे। जो सात वर्ष से परिचित थे। परिचित लोेगों ने घर पर उनके भाई सुनील सिन्हा, उनकी पत्नी कुमुद सिन्हा, पुत्री अनुष्का सिन्हा, पिता गोपाल कृष्ण सिन्हा, माता शकुंतला सिन्हा को प्रसाद के साथ नशीला पदार्थ खिला दिया। अगले दिन सुबह नौकरानी पहुंची तो सभी लोग बेहोश पड़े थे। आस-पास के लाेगों की मदद से अस्पताल ले जाया गया। जहां डाक्टर ने गोपाल कृष्ण सिन्हा को मृत घोषित कर दिया। अन्य का भर्ती कर इलाज किया गया। बताया गया कि पंजरी का प्रसाद खिलाया गया था।
होश में आने पर भाई सुनील ने बताया कि उनके परिचित संदीप मक्कड़ और एक बाबा घर पर आए थे। बाबा ने प्रसाद में जहरीला पदार्थ डालकर खिला दिया था। अस्पताल से घर आने पर देखा तो घर से गहना, मोबाइल आदि सामान चोरी हो गया था। इसके बाद पुलिस ने संदीप सिंह उर्फ मक्कड़ और टोनी सिंह उर्फ राजेंद्र सिंह के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु किया।
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पुुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने गवाहों का बयान और साक्ष्य न्यायालय में प्रेषित किया। अपर सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट ऋषा जोशी की अदालत ने दोषी पाते हुए टोनी सिंह उर्फ राजेंद्र सिंह को 10 साल कारावास और 49 हजार जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माने की राशि जमा न करने पर एक साल 11 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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नीलम वर्मा ने तहरीर देकर बताया कि आठ अक्तूबर की रात साढ़े आठ बजे उनके भाई सुनील सिन्हा के घर कुछ परिचित आए थे। जो सात वर्ष से परिचित थे। परिचित लोेगों ने घर पर उनके भाई सुनील सिन्हा, उनकी पत्नी कुमुद सिन्हा, पुत्री अनुष्का सिन्हा, पिता गोपाल कृष्ण सिन्हा, माता शकुंतला सिन्हा को प्रसाद के साथ नशीला पदार्थ खिला दिया। अगले दिन सुबह नौकरानी पहुंची तो सभी लोग बेहोश पड़े थे। आस-पास के लाेगों की मदद से अस्पताल ले जाया गया। जहां डाक्टर ने गोपाल कृष्ण सिन्हा को मृत घोषित कर दिया। अन्य का भर्ती कर इलाज किया गया। बताया गया कि पंजरी का प्रसाद खिलाया गया था।
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होश में आने पर भाई सुनील ने बताया कि उनके परिचित संदीप मक्कड़ और एक बाबा घर पर आए थे। बाबा ने प्रसाद में जहरीला पदार्थ डालकर खिला दिया था। अस्पताल से घर आने पर देखा तो घर से गहना, मोबाइल आदि सामान चोरी हो गया था। इसके बाद पुलिस ने संदीप सिंह उर्फ मक्कड़ और टोनी सिंह उर्फ राजेंद्र सिंह के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु किया।
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पुुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने गवाहों का बयान और साक्ष्य न्यायालय में प्रेषित किया। अपर सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट ऋषा जोशी की अदालत ने दोषी पाते हुए टोनी सिंह उर्फ राजेंद्र सिंह को 10 साल कारावास और 49 हजार जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माने की राशि जमा न करने पर एक साल 11 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।