मुजफ्फरनगर दंगा: दर्ज 131 मुकदमों को वापस लेने की तैयारी में योगी सरकार
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योगी सरकार ने मुजफ्फरनगर दंगे में दर्ज 131 मुकदमों को वापस लेने की तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर शासन के विशेष सचिव ने मुजफ्फरनगर और शामली के डीएम से दंगे के दौरान दर्ज हत्या, दुष्कर्म, आगजनी, तोडफ़ोड़, लूट, डकैती, बलवा आदि की धाराओं में दर्ज इन मुकदमों की 13 बिंदुओं पर मौजूदा स्थिति रिपोर्ट मांगी है। मुजफ्फरनगर के अलावा शामली कोतवाली में दर्ज तीन मुकदमों को भी सूची में रखा गया है। डीएम राजीव शर्मा ने शासन की कार्रवाई की पुष्टि की है।
सात सितंबर 2013 को मुजफ्फरनगर और शामली में हुई हिंसा के दौरान 67 बेगुनाहों की मौत हुई थी। नफरत के उन्माद में फैली दहशत से 50 हजार से ज्यादा लोग बेघर हो गए थे। जानसठ कोतवाली के गांव कवाल में 27 अगस्त 2013 को शाहनवाज की मौत के बाद भीड़ ने मलिकपुरा के ममेरे भाईयों गौरव और सचिन की भरे चौराहे पर बेहरमी से हत्या कर दी थी। उस घटना के बाद से जिले का साम्प्रदायिक माहौल तनावपूर्ण हो गया था। शहर के खालापार में जुमे की नमाज के बाद मुस्लिमों ने वारदात के विरोध में मौके पर तत्कालीन डीएम कौशलराज शर्मा और एसएसपी एससी दूबे को ज्ञापन दिया था। हिंदू संगठनों और भाजपाईयों ने नंगला मंदौड में 31 अगस्त और फिर सात सितंबर को बड़ी पंचायत की थी। पंचायत खत्म होते ही जिले में दंगा भड़क गया था। तत्कालीन अखिलेश सरकार ने एसआईटी का गठन कर दंगा प्रभावित थाना क्षेत्रों में मामलों की जांच कराई थी।
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प्रशासन ने मुजफ्फरनगर और शामली में 511 मुकदमे दर्ज किए थे, जिनमें हत्या और दुष्कर्म भी मामले शामिल थे। दो साल से ज्यादा वक्त तक चली एसआईटी की जांच में 170 मुकदमे खारिज किए थे, जबकि 169 में एफआर लगाई थी। बाकी 172 मुकदमे कोर्ट में चार्टशीट दाखिल की गई। कोर्ट की कार्रवाई के दौरान 41 मुकदमों का निस्तारण हो चुका है। इन मुकदमों में अभी तक किसी को भी कोई सजा नहीं हो सकी। सभी मुकदमों में गवाह पक्षद्रोही होने से आरोपी बरी हो चुके है। वर्तमान में कोर्ट में 131 मुकदमे विचाराधीन है, जिनमें 13 मुकदमे हत्या और 11 हत्या के प्रयास तथा छह मुकदमे रेप के है।
गत पांच फरवरी को लखनऊ में पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री एवं सांसद डॉ संजीव बालियान तथा भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत के नेतृत्व में भाजपा नेताओं और खाप चौधरियों के प्रतिनिधिमंडल ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर दंगे के दौरान के द्वेषवश दर्ज कराए गए फर्जी मुकदमो की खत्म करने की मांग उठाई थी। सीएम के निर्देश पर शासन के विशेष सचिव राजेश सिंह ने मुजफ्फरनगर और शामली के डीएम को पत्र भेज कर दंगे के 131 मुकदमों में मौजूदा स्थिति पर रिपोर्ट तलब की है। डीएम राजीव सिंह ने बताया कि शासन का पत्र मिलने के बाद रिपोर्ट तैयार की जा रही है। एसपीओ और डीजी एसपीओ से मुकदमों की वस्तु स्थिति की रिपोर्ट मांगी गई है।
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