मुजफ्फरनगर दंगा: सरकार ने लिया 7 केस वापस लेना का फैसला, डीएम को भेजा पत्र
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शासन ने मुजफ्फरनगर दंगे के सात मुकदमे और वापस लेने की संस्तुति की है। इस संबंध में प्रदेश सरकार के विशेष सचिव जेपी सिंह की ओर से डीएम को पत्र भेजा गया है। दंगे के 95 मुकदमों में से 38 मुकदमों की अभी तक शासन वापस लेने की संस्तुति कर चुका है। ये सभी मुकदमे दंगे के दौरान फुगाना और भौराकलां थाने में पुलिस की ओर से आगजनी, बलवा आदि धाराओं में ग्रामीणों के खिलाफ दर्ज हुए थे।
भाजपा सांसद डॉ संजीव बालियान, विधायक उमेश मलिक आदि ने सीएम योगी से मिल कर मुजफ्फरनगर दंगे में पुलिस की ओर से ग्रामीणों के खिलाफ दर्ज हुए मुकदमों को वापस लेने की मांग की थी।
उन्होंने ऐसे 95 मुकदमों की सूची सीएम को सौंपी थी। शासन ने डीएम से इन मुकदमों की मौजूदा स्थिति मांगी थी। अब शासन की ओर से इन मुकदमों को वापस लेने की संस्तुति की जा रही है। जनवरी माह में पहले 18 और फिर 13 मुकदमों के वापसी की संस्तुति की गई।
अब सात और मुकदमे वापस लेने की संस्तुति की गई है। चार मुकदमों में अभियोजन अधिकारी की ओर से कोर्ट में सीआरपीसी की धारा 321 के तहत रिपोर्ट दाखिल की जा चुकी है।
बुढ़ाना विधायक उमेश मलिक ने बताया कि अभी तक शासन की ओर से कुल 38 मुकदमों को वापस लेने की संस्तुति की गई है। उन्होंने कवाल कांड के दोहरे हत्याकांड में कोर्ट के निर्णय को भी उचित बताया है।
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