हस्तिनापुर। ऐतिहासिक प्राचीन जयंती माता मंदिर में नवरात्र के अवसर पर चल रही नवरात्र पूजा के चौथे दिन बुधवार को देवी दुर्गा के कूष्मांडा स्वरूप की पूजा की गई। वहीं, परिवार में खुशहाली के लिए, अच्छे स्वास्थ्य, यश, बल तथा लंबी उम्र की प्राप्ति के लिए मंत्रोच्चार के साथ मां शिवलिंग की पूजा-अर्चना की गई।
जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर के पुजारी सुनील वाजपेई ने बताया कूष्मांडा देवी की पूजा शुभ मुहूर्त में करने से अधिक पुण्य मिलता है। इस मौके में पूजा करने से विशेष फल मिलेगा। मां कूष्मांडा माता दुर्गा का चौथा स्वरूप है। मां की आठ भुजाएं होने पर इन्हें अष्टभुजा वाली भी कहा जाता है। इनके सात हाथों में क्रमश: कमंडल, धनुष, बाण, कमल, अमृत से भरा कलश, चक्र तथा गदा नजर आता है, जबकि आठवें हाथ में जप की माला रहती है। माता का वाहन सिंह है। इनका निवास स्थान सूर्यमंडल के भीतर माना जाता है। कहते हैं सूर्यलोक में निवास करने की क्षमता अगर किसी में है तो वह केवल मां कूष्मांडा में ही है। इसलिएये सूर्य देव को दिशा और ऊर्जा प्रदान करती हैं। जयंती माता मंदिर में बुधवार को नगर पंचायत के चेयरमैन कुमार ने पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर जयंती माता मंदिर में संस्थापक अध्यक्ष सुदेश उर्फ पप्पू गुर्जर, आचार्य मुकेश, शिव, सुनील शर्मा, दिनेश शर्मा आदि उपस्थित रहे।