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आखिर कब रुकेगी खादर क्षेत्र में बाढ़ से होने वाली तबाही

Tue, 12 Aug 2025 08:11 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 12 Aug 2025 08:11 PM IST
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When will the devastation caused by floods in the Khadar region stop?
हस्तिनापुर। बरसात के मौसम का एक-एक दिन खादर क्षेत्र के लोगों के लिए मुसीबत भरा होता है। इसका उदाहरण इस समय खादर क्षेत्र में देखा जा सकता है। बाढ़ के कारण कई गांव उजड़ चुके हैं और सैकड़ो परिवार घर से बेघर हो चुके हैं। उसके बाद भी आज तक बाढ़ का समाधान नहीं हुआ।
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खादर क्षेत्र के लोगों को देश के आजाद होने के समय से ही बाढ़ के हालातों का सामना करना पड़ रहा है। उस समय खादर क्षेत्र में आबादी कम थी। 1984 तक आबादी बढ़ गई और कई गांव बस गए। पूर्वी पाकिस्तान, पंजाब, हरियाणा आदि से आए हजारों किसानों ने खादर क्षेत्र को खेती के लिए विकसित किया। इसके बाद उन्हें बाढ़ जैसे हालातों का सामना करना पड़ा। जब खादर क्षेत्र की बंजर भूमि उपजाऊ हो गई तो बाढ़ का कहर शुरू हो गया। इसे देखते हुए 1986 में कार सेवा के माध्यम से दर्जनों गांवों में बाढ़ के कहर को रोकने के लिए अस्थायी तटबंध बनाए गए। इससे कुछ हद तक बाढ़ से राहत तो मिली परंतु तबाही होने से यह तटबंध भी नहीं रोक पाए।
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2017 में क्षेत्रीय विधायक दिनेश खटीक ने खादर क्षेत्र में बाढ़ रोकने के लिए भरसक प्रयास किया और 73 करोड़ की परियोजना से तटबंध का निर्माण कराया। कटाव निरोधक तटबंध भी बनवाए परंतु बाढ़ से अभी तक राहत नहीं मिली। प्रतिवर्ष किसानों की करोड़ों रुपये की फसल बाढ़ की भेंट चढ़कर नष्ट हो जाती है। बिजनौर-मेरठ को जोड़ने के लिए गंगा पर पुल का निर्माण भी कराया गया लेकिन समस्या का हल नहीं निकला।
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बाढ़ से उजड़ गए कई गांव
पिछले 40 वर्षों में खादर क्षेत्र में ऐसे कई गांव हैं जो बाढ़ के कारण उजड़ गए या ग्रामीण दूसरे स्थान पर जाकर बस गए परंतु आज तक उन्हें बाढ़ से राहत नहीं मिली। बाढ़ का स्थायी समाधान न मिलने के कारण हर साल खादर क्षेत्र की बड़ी आबादी बाढ़ से प्रभावित होती है।


बाढ़ आने पर पीछे हट जाती है जिंदगी
जब खादर क्षेत्र में बाढ़ आती है तो खादर क्षेत्र के हजारों लोगों की जिंदगी कई साल पीछे पहुंच जाती है और वह दोबारा से अपनी जिंदगी को पटरी पर लाने के लिए भरसक प्रयास करते हैं परंतु फिर बाढ़ आ जाती है। बाढ़ का यही सिलसिला उन्हें लगातार बर्बाद कर रहा है।
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