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विशु हत्याकांड : पलड़ा गांव में तनावपूर्ण शांति, तीन घंटे रहे एसएसपी, बढ़ाई फोर्स
Wed, 12 Apr 2023 02:42 AM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 12 Apr 2023 02:42 AM IST
सार
पलड़ा गांव में विशु हत्याकांड के बाद हुए हिंसक बवाल के बाद मंगलवार को भी पूरा गांव छावनी में तब्दील रहा। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण के नेतृत्व में गांव में फ्लैग मार्च निकाला गया।
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मेरठ पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हस्तिनापुर में पलड़ा गांव में विशु हत्याकांड के बाद हुए हिंसक बवाल के बाद मंगलवार को भी पूरा गांव छावनी में तब्दील रहा। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण के नेतृत्व में गांव में फ्लैग मार्च निकाला गया। तीन घंटे तक एसएसपी गांव में डटे रहे। उन्होंने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की। तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए फोर्स बढ़ा दी गई है। गांव में एक एएसपी, चार सीओ, 10 इंस्पेक्टर, 70 दरोगा, 250 सिपाही और पीएसी के करीब 150 जवानों को तैनात किया गया है। एसएसपी ने निर्देश दिए हैं कि जब तक माहौल शांतिपूर्ण नहीं होगा तब तक कोई भी छुट्टी पर नहीं जाएगा।
एसएसपी ने प्राथमिक विद्यालय में पुलिस के लिए बनाए गए कैंप में फोर्स को निर्देश दिए। सीओ आशीष शर्मा और एसडीएम मवाना को भी चेताया कि कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। एसएसपी के नेतृत्व में गांव में फ्लैग मार्च भी निकाला गया। वह मृतक विशु के परिजनों से मिलने के लिए भी पहुंचे, लेकिन उसके पिता नहीं मिले। उन्होंने आश्वासन दिया कि हत्यारोपियों को जल्द पकड़ा जाएगा। उधर, बवाल के समय जान बचाकर निकले दूसरे समुदाय के कुछ परिवार अपने घरों में वापस आ गए, जबकि कुछ के मकानों पर अभी भी ताले लटके हुए हैं।
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एसएसपी ने प्राथमिक विद्यालय में पुलिस के लिए बनाए गए कैंप में फोर्स को निर्देश दिए। सीओ आशीष शर्मा और एसडीएम मवाना को भी चेताया कि कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। एसएसपी के नेतृत्व में गांव में फ्लैग मार्च भी निकाला गया। वह मृतक विशु के परिजनों से मिलने के लिए भी पहुंचे, लेकिन उसके पिता नहीं मिले। उन्होंने आश्वासन दिया कि हत्यारोपियों को जल्द पकड़ा जाएगा। उधर, बवाल के समय जान बचाकर निकले दूसरे समुदाय के कुछ परिवार अपने घरों में वापस आ गए, जबकि कुछ के मकानों पर अभी भी ताले लटके हुए हैं।
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प्राथमिक विद्यालय में रिजर्व में है फोर्स
गांव के हर चौराहे पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा प्राथमिक विद्यालय में रिजर्व में भी पुलिस बल को रखा गया है, जिन्हें आपात स्थिति से निपटने के लिए हर समय तैयार है।
लेखपाल करेंगे आगजनी के नुकसान का आंकलन
बवाल के दौरान कुछ मकानों और फसलों में आग लगा दी गई थी। आगजनी से फसल को नुकसान का आंकलन करने के लिए मवाना तहसील के लेखपालों की टीम को लगाया गया है। टीम को निष्पक्षता से जांच रिपोर्ट बनाने के लिए कहा गया।
विवाद के निपटारे के लिए आज हो सकती है बैठक
जिस समय एसएसपी प्राथमिक विद्यालय स्थित कैंप कार्यालय में पहुंचे तो वहां पर दूसरे समुदाय के कुछ लोग पहुंचे। उन्होंने गांव में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बातचीत की। इस पर एसएसपी ने आश्वासन दिया कि बुधवार को सभी ग्रामीणों के साथ सार्वजनिक बैठक की जाएगी। जो भी विवाद है, उसे खत्म कराने के लिए प्रयास किया जाएगा। किसी भी हालत में शांति व्यवस्था भंग नहीं होने दी जाएगी।
यह था मामला...
रविवार को पलड़ा गांव में विशु की हत्या कर दी गई थी। इसमें ग्राम प्रधान गजेंद्र सिंह और दूसरे समुदाय के कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी ग्राम प्रधान गजेंद्र को गिरफ्तार कर लिया था। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद जब शव गांव में पहुंचा तो भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने दूसरे समुदाय के मकानों पर पथराव और आगजनी कर दी थी। इस प्रकरण में 14 नामजद और 150 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज है। पुलिस आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ने का प्रयास कर रही है।
गांव के हर चौराहे पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा प्राथमिक विद्यालय में रिजर्व में भी पुलिस बल को रखा गया है, जिन्हें आपात स्थिति से निपटने के लिए हर समय तैयार है।
लेखपाल करेंगे आगजनी के नुकसान का आंकलन
बवाल के दौरान कुछ मकानों और फसलों में आग लगा दी गई थी। आगजनी से फसल को नुकसान का आंकलन करने के लिए मवाना तहसील के लेखपालों की टीम को लगाया गया है। टीम को निष्पक्षता से जांच रिपोर्ट बनाने के लिए कहा गया।
विवाद के निपटारे के लिए आज हो सकती है बैठक
जिस समय एसएसपी प्राथमिक विद्यालय स्थित कैंप कार्यालय में पहुंचे तो वहां पर दूसरे समुदाय के कुछ लोग पहुंचे। उन्होंने गांव में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बातचीत की। इस पर एसएसपी ने आश्वासन दिया कि बुधवार को सभी ग्रामीणों के साथ सार्वजनिक बैठक की जाएगी। जो भी विवाद है, उसे खत्म कराने के लिए प्रयास किया जाएगा। किसी भी हालत में शांति व्यवस्था भंग नहीं होने दी जाएगी।
यह था मामला...
रविवार को पलड़ा गांव में विशु की हत्या कर दी गई थी। इसमें ग्राम प्रधान गजेंद्र सिंह और दूसरे समुदाय के कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी ग्राम प्रधान गजेंद्र को गिरफ्तार कर लिया था। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद जब शव गांव में पहुंचा तो भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने दूसरे समुदाय के मकानों पर पथराव और आगजनी कर दी थी। इस प्रकरण में 14 नामजद और 150 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज है। पुलिस आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ने का प्रयास कर रही है।
विशु के पिता का वीडियो वायरल, पोती के साथ कर लूंगा आत्महत्या
विशु हत्याकांड के बाद उसके पिता रामबीर का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जो किसी चैनल के रिपोर्टर से बातचीत कर रहे हैं। वीडियो में कह रहे हैं कि यदि कल दोपहर तक आरोपी नहीं पकड़े गए तो वह अपनी छह माह की पोती के साथ आत्महत्या कर लेंगे। यह वीडियो सोशल मीडिया पर दिन भर वायरल होता रहा। उधर, इस बारे में एसपी देहात कमलेश बहादुर सिंह का कहना है कि वीडियो सोमवार का है, जिसके बाद रामबीर से बातचीत हो गई और उन्हें अब तक हुई कार्रवाई के बारे में पूरी जानकारी दे दी गई है। अभी तक की कार्रवाई से वह पूरी तरह संतुष्ट है। जल्दी ही हत्याकांड के आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
गांव में पहुंचे राज्यमंत्री दिनेश खटीक, विशु की पत्नी को नौकरी दिलाने का आश्वासन
पलड़ा गांव में हुए बवाल के बाद मंगलवार को राज्यमंत्री दिनेश खटीक भी पहुंचे। राज्यमंत्री के साथ हस्तिनापुर ब्लाॅक प्रमुख नितिन खटीक, मवाना ब्लाक प्रमुख के पति डाॅ. योगेश प्रधान और परीक्षितगढ ब्लाॅक प्रमुख ब्रह्म सिंह दोपहर को विशु के घर गए। उन्होंने विशु के पिता रामवीर को सांत्वना दी। इस दौरान परिजनों तथा ग्रामीणों ने हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। राज्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि मामला मुख्यमंत्री तक के संज्ञान में है। प्रशासन से हरसंभव आर्थिक मदद दिलाई जाएगी। मृतक की पत्नी को नगर पालिका मवाना में प्राइवेट कर्मचारी के रूप में नौकरी लगवाने का भी भरोसा दिलाया गया। उन्होंने एसपी देहात कमलेश बहादुर से भी बात की और आरोपियों को जल्द पकड़ने की मांग की।
नामजद दो आरोपियों के मकान में भी हुई थी तोड़फोड़
विशु हत्याकांड में साबिर के दो बेटे अनस और अराफात नामजद हैं। आक्रोशित भीड़ ने साबिर के मकान और घेर को निशाना बनाया था। घर में खड़ी कार और बाइक समेत अन्य सामान को नुकसान पहुंचा दिया था। दो ट्रैक्टर भी जला दिए गए थे। साबिर के घर के पास हाफिज बरकत, शेरखान, गुल मोहम्मद, आस मोहम्मद, महकार के घरों को भी निशाना बनाया गया था।
विशु हत्याकांड के बाद उसके पिता रामबीर का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जो किसी चैनल के रिपोर्टर से बातचीत कर रहे हैं। वीडियो में कह रहे हैं कि यदि कल दोपहर तक आरोपी नहीं पकड़े गए तो वह अपनी छह माह की पोती के साथ आत्महत्या कर लेंगे। यह वीडियो सोशल मीडिया पर दिन भर वायरल होता रहा। उधर, इस बारे में एसपी देहात कमलेश बहादुर सिंह का कहना है कि वीडियो सोमवार का है, जिसके बाद रामबीर से बातचीत हो गई और उन्हें अब तक हुई कार्रवाई के बारे में पूरी जानकारी दे दी गई है। अभी तक की कार्रवाई से वह पूरी तरह संतुष्ट है। जल्दी ही हत्याकांड के आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
गांव में पहुंचे राज्यमंत्री दिनेश खटीक, विशु की पत्नी को नौकरी दिलाने का आश्वासन
पलड़ा गांव में हुए बवाल के बाद मंगलवार को राज्यमंत्री दिनेश खटीक भी पहुंचे। राज्यमंत्री के साथ हस्तिनापुर ब्लाॅक प्रमुख नितिन खटीक, मवाना ब्लाक प्रमुख के पति डाॅ. योगेश प्रधान और परीक्षितगढ ब्लाॅक प्रमुख ब्रह्म सिंह दोपहर को विशु के घर गए। उन्होंने विशु के पिता रामवीर को सांत्वना दी। इस दौरान परिजनों तथा ग्रामीणों ने हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। राज्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि मामला मुख्यमंत्री तक के संज्ञान में है। प्रशासन से हरसंभव आर्थिक मदद दिलाई जाएगी। मृतक की पत्नी को नगर पालिका मवाना में प्राइवेट कर्मचारी के रूप में नौकरी लगवाने का भी भरोसा दिलाया गया। उन्होंने एसपी देहात कमलेश बहादुर से भी बात की और आरोपियों को जल्द पकड़ने की मांग की।
नामजद दो आरोपियों के मकान में भी हुई थी तोड़फोड़
विशु हत्याकांड में साबिर के दो बेटे अनस और अराफात नामजद हैं। आक्रोशित भीड़ ने साबिर के मकान और घेर को निशाना बनाया था। घर में खड़ी कार और बाइक समेत अन्य सामान को नुकसान पहुंचा दिया था। दो ट्रैक्टर भी जला दिए गए थे। साबिर के घर के पास हाफिज बरकत, शेरखान, गुल मोहम्मद, आस मोहम्मद, महकार के घरों को भी निशाना बनाया गया था।
इन लोगों की फसलें जलाईं
बवाल के दौरान आस मोहम्मद, महकार, अल्लामेहर की पांच-पांच बीघा गेहूं की फसल जलाई गई। इसके अलावा साबिर, अमीरूद्दीन, इमरान, जमील की तीन-तीन बीघा और शाहिद की दो बीघा फसलें जलाई गईं।
आंखों के सामने उजाड़ दिया घर
घर लौटीं जमीला और जायदा ने बताया कि घर पर केवल महिलाएं थीं। शव यात्रा के दौरान भीड़ ने उनके मकानों पर पथराव कर दिया। कई परिवार की महिलाएं एक कमरे में बंद हो गईं थीं, तब उनकी जान बची। वे कमरे की खिड़की से पूरा मंजर देख रही थीं। कोई उनके दरवाजों पर डंडे बरसा रहा था तो कोई पत्थर फेंक रहा था। घर का सभी सामान मिनटों में नष्ट कर दिया। घर में रखा आटा तक भी बिखेर दिया था। तोड़फोड़ करने वाले करीब पांच घंटे तक कमरे में रहे। पुलिस फोर्स आने के बाद महिलाएं कमरे से बाहर निकलीं।
हाफिज बरकत की पत्नी फातिमा ने बताया कि वह घर की महिलाओं के साथ मकान के ऊपर बने कमरे में छिप गई थीं। काफी देर तक पुलिस के पुकारने के बाद भी बाहर झांकने की हिम्मत नहीं कर सकी। बाद में अपने परिचितों के यहां जाकर रात बिताई।
- दिव्यांग आस मोहम्मद का कहना है कि उसका किसी विवाद से लेना-देना भी नहीं है। वह बैसाखियों के सहारे चलता है, लेकिन आक्रोशित लोगों ने उसके मकान को भी नहीं छोड़ा। सारा सामान तोड़ दिया और फसल को जला दिया।
एसएसपी बोले, सभी गांव में रहें, सुरक्षा की जिम्मेदारी हमारी
मंगलवार दोपहर आसपास के गांवों के जिम्मेदार लोग पलड़ा में पहुंचे। जिन्होंने पुलिस के साथ जाकर दूसरे समुदाय के लोगों का हाल जाना। अरशद प्रधान, हाजी इलिसी, अतीक अहमद आदि ने उन लोगों से बातचीत की, जिनके घरों में आगजनी और तोड़फोड़ की गई थी। उन्होंने लोगों से अपील की कि दहशत में गांव छोडने वालों को वापस लाने का प्रयास किया जाए ताकि गांव में फिर से शांति और भाईचारे से रह सकें। एसएसपी ने भी आश्वासन दिया कि किसी को गांव से बाहर जाने की जरूरत नहीं है। सभी अपने गांव में रहे, सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस की है।
गांव में शांति का माहौल है। विशु हत्याकांड के आरोपियों को पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही है। वहीं, बवाल करने वाले कुछ आरोपियों की पहचान हो चुकी है और अन्य आरोपियों की पहचान का प्रयास चल रहा है। - कमलेश बहादुर सिंह, एसपी देहात
बवाल के दौरान आस मोहम्मद, महकार, अल्लामेहर की पांच-पांच बीघा गेहूं की फसल जलाई गई। इसके अलावा साबिर, अमीरूद्दीन, इमरान, जमील की तीन-तीन बीघा और शाहिद की दो बीघा फसलें जलाई गईं।
आंखों के सामने उजाड़ दिया घर
घर लौटीं जमीला और जायदा ने बताया कि घर पर केवल महिलाएं थीं। शव यात्रा के दौरान भीड़ ने उनके मकानों पर पथराव कर दिया। कई परिवार की महिलाएं एक कमरे में बंद हो गईं थीं, तब उनकी जान बची। वे कमरे की खिड़की से पूरा मंजर देख रही थीं। कोई उनके दरवाजों पर डंडे बरसा रहा था तो कोई पत्थर फेंक रहा था। घर का सभी सामान मिनटों में नष्ट कर दिया। घर में रखा आटा तक भी बिखेर दिया था। तोड़फोड़ करने वाले करीब पांच घंटे तक कमरे में रहे। पुलिस फोर्स आने के बाद महिलाएं कमरे से बाहर निकलीं।
हाफिज बरकत की पत्नी फातिमा ने बताया कि वह घर की महिलाओं के साथ मकान के ऊपर बने कमरे में छिप गई थीं। काफी देर तक पुलिस के पुकारने के बाद भी बाहर झांकने की हिम्मत नहीं कर सकी। बाद में अपने परिचितों के यहां जाकर रात बिताई।
- दिव्यांग आस मोहम्मद का कहना है कि उसका किसी विवाद से लेना-देना भी नहीं है। वह बैसाखियों के सहारे चलता है, लेकिन आक्रोशित लोगों ने उसके मकान को भी नहीं छोड़ा। सारा सामान तोड़ दिया और फसल को जला दिया।
एसएसपी बोले, सभी गांव में रहें, सुरक्षा की जिम्मेदारी हमारी
मंगलवार दोपहर आसपास के गांवों के जिम्मेदार लोग पलड़ा में पहुंचे। जिन्होंने पुलिस के साथ जाकर दूसरे समुदाय के लोगों का हाल जाना। अरशद प्रधान, हाजी इलिसी, अतीक अहमद आदि ने उन लोगों से बातचीत की, जिनके घरों में आगजनी और तोड़फोड़ की गई थी। उन्होंने लोगों से अपील की कि दहशत में गांव छोडने वालों को वापस लाने का प्रयास किया जाए ताकि गांव में फिर से शांति और भाईचारे से रह सकें। एसएसपी ने भी आश्वासन दिया कि किसी को गांव से बाहर जाने की जरूरत नहीं है। सभी अपने गांव में रहे, सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस की है।
गांव में शांति का माहौल है। विशु हत्याकांड के आरोपियों को पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही है। वहीं, बवाल करने वाले कुछ आरोपियों की पहचान हो चुकी है और अन्य आरोपियों की पहचान का प्रयास चल रहा है। - कमलेश बहादुर सिंह, एसपी देहात