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Video Viral: रिहाई के तीन साल बाद भी पाकिस्तान नहीं पहुंच पाया वारिस, बेटे ने दोनों देशों से की ये गुजारिश

Mon, 23 May 2022 02:32 PM IST
Dimple Sirohi अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 23 May 2022 02:32 PM IST
सार

पाकिस्तान निवाास वारिस वैध पासपोर्ट के माध्यम से भारत आया था। साल 2017 में मुजफ्फरनगर की कोर्ट ने आशफाकऔर मोहम्मद वारिस को धारा 121 के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई। वारिस पर पासपोर्ट एक्ट और विस्फोटक अधिनियम का आरोप सही पाया गया था। 22 साल बाद वह जेल से रिहा तो हुआ लेकिन घर नहीं पहुंच सका।

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Video Viral: man could not reach Pakistan Even after three years of release, son request to both the countries
पाकिस्तान निवसी वारिस - फोटो : amar ujala

विस्तार

उत्तर प्रदेश के शामली में 22 साल पहले असलहा और विस्फोटक के साथ गिरफ्तार पाक नागरिक 19 साल जेल में रहने के बाद रिहा तो हुआ लेकिन वह अपने घर नहीं पहुंच पाया।  पाकिस्तान ने उसे अपना नागरिक मानने से इंकार कर दिया, जिसके बाद वह शामली में ही कहीं पुलिस की निगरानी में रह रहा है। हालांकि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी इससे इंकार कर रहे हैं। परिजनों ने दोनों देशों की सरकार से वारिस को पाकिस्तान भिजवाने की गुहार लगाई है। यह मामला सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। 

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 कांधला थाना पुलिस ने वर्ष 2000 में मोहम्मद वारिस निवासी गुजरांवाला, वजीराबाद पाकिस्तान और तीन अन्य लोगों को हथियार और हैंड ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार किया था। उस समय पुलिस ने इनके जैश ए मोहम्मद से जुड़े होने का दावा किया था। मोहम्मद वारिस पर विदेशी नागरिक अधिनियम, विस्फोटक अधिनियम और पासपोर्ट एक्ट के उल्लंघन का आरोप था।
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वारिस ने कोर्ट में खुद को निर्दोष बताते हुए कहा था कि उसके पास से कोई भी आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं हुआ। वह वैध पासपोर्ट के माध्यम से भारत आया था। वर्ष 2017 में मुजफ्फरनगर की कोर्ट ने आशफाकऔर मोहम्मद वारिस को धारा 121 के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई। वारिस पर पासपोर्ट एक्ट और विस्फोटक अधिनियम का आरोप सही पाया था।

2019 में इलाहाबाद हाईकोर्ट की दो जजों की पीठ ने वारिस की अपील पर सुनवाई की।हाईकोर्ट के आदेश के बाद दिसंबर 2019 को वारिस को जेल से रिहा कर दिया गया। एएसपी ओपी सिंह का कहना है कि इस तरह का कोई मामला जानकारी में नहीं है। 

बेटे गुलजार की अपील, पिता को घर पहुंचाने में मदद करें अधिकारी
 मोहम्मद वारिस के बेटे गुलजार वारिस की गुहार सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। उसने बताया कि भारत जाने के समय उनके पिता दूध का व्यापार करते थे। मीडिया से उनकी गिरफ्तारी की बात पता चली। हमारी जानकारी में आया था कि 2019 में मेरे पिता को जेल से रिहा कर दिया गया है। उसके बाद से हमें अपने पिता के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। हमें अब यह जानकारी मिली है,  लेकिन हम अल्लाह का शुक्रिया अदा करते हैं कि वह जिंदा है। 

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