स्वच्छ भारत मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक पर ठगी का आरोप, पीड़ित ने डीएम से लगाई गुहार
- डीपीएम सहित दो पर सात लाख की ठगी का आरोप
- सात करोड़ का ठेका दिलाने के नाम पर ली गई रकम
- डीएम को शिकायती पत्र देकर ठेकेदार ने की कार्रवाई की मांग
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उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में एक के बाद एक घोटाले के मामले सामने आ रहे हैं। अब जनपद में डीपीएम (जिला कार्यक्रम प्रबंधक) सहित दो लोगों पर सात लाख रुपये ठगने का आरोप लगा है। हाल ही में इससे पहले भी जिले में ऐसे कई मामले उजागर हुए थे।
ये है मामला
उत्तराखंड के जनपद हरिद्वार निवासी ठेकेदार ने स्वच्छ भारत मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक सहित दो लोगों पर पालिका में सात करोड़ का ठेका दिलाने का झांसा देकर सात लाख रुपये ठगने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने डीएम को शिकायती पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई है।
उत्तराखंड के जनपद हरिद्वार निवासी ठेकेदार लवी त्यागी ने बुधवार को डीएम कार्यालय पर दिए शिकायती पत्र में बताया कि अगस्त 2018 में किसी काम से नगर पालिका कार्यालय आया था। पीड़ित के अनुसार यहां उसकी मुलाकात बलजीत सिंह एवं नवीन राणा से हुई। आरोप है कि बलजीत सिंह ने खुद को पालिका में अधिकारी बताते हुए उसे नगर विकास मंत्रालय से आने वाले सात करोड़ रुपये के ठेके का काम दिलवाने की बात कही। इसके एवज में कुल ठेके का एक प्रतिशत यानि सात लाख रुपये खर्च की मांग की, जो पीड़ित ने 24 अक्तूबर व 17 नवंबर 2018 को नवीन राणा के बैंक खाते में अपनी फर्म के खाते से आरटीजीएस कर दिए।
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आरोप है कि इसके बाद उसे लगातार टरकाया जाता रहा। करीब चार माह पूर्व वह राजकीय इंटर कॉलेज मैदान में दोनों आरोपियों से मिला, तो उन्होंने एक माह में रुपये लौटाने की बात कही। पीड़ित का आरोप है कि अब उसे रुपये देने से इंकार करते हुए शिकायत करने पर धमकी दी जा रही है। पीड़ित ने लेनदेन संबंधी पालिका कर्मचारी के व्हाट्सएप मैसेज और कॉल रिकॉर्डिंग भी अपने पास होने का दावा करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई है।
वहीं, ठेकेदार के साथ शिकायती पत्र देने पहुंचे भाकियू कार्यकर्ता विकास शर्मा ने भी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उधर, डीपीएम बलजीत सिंह का कहना है कि उनका इस मामले से कोई लेनादेना नहीं है। ये दो कांट्रेक्टरों के बीच का मामला है। मुझे इसमें बेवजह घसीटा जा रहा है।
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