बागपत के उत्सव सिंह ने लद्दाख में लहराया परचम, जांबाज पहले भी कर चुका देश का नाम रोशन
- लद्दाख के सबसे ऊंचे गांव खारदुंगला में आयोजित मैराथन में बड़ौत के दिलेर ने अपना लोहा मनवाया
- कई देशों के प्रतिभागियों के साथ उत्सव ने मैराथन पूरी की
- खारदुंगला लद्दाख का सबसे ऊंचा गांव है और यहां पर प्रतिभागियों को सांस लेने में भी दिक्कत होने लगती है
विस्तार
लद्दाख के सबसे ऊंचे गांव खारदुंगला में आयोजित मैराथन में बड़ौत के दिलेर ने अपना लोहा मनवाया। कई देशों के प्रतिभागियों के साथ उत्सव ने मैराथन पूरी की। इससे पहले भी देशभर में साइकिलिंग और मैराथन प्रतियोगिता में जांबाज सिक्का जमाता रहा है। घर में खुशी का माहौल है।
जेवी कॉलेज बड़ौत के प्राचार्य डॉ. नरेंद्र सिंह और जीआईसी फतेहपुर पुट्ठी की प्राचार्या डॉ. रेखा सिंह के बेटे उत्सव सिंह इन दिनों आईआईटी कानपुर से पीएचडी कर रहे हैं।
उत्सव सिंह ने बताया कि लद्दाख के सबसे ऊंचे गांव खारदुंगला में मैराथन का आयोजन किया गया। करीब 72 किमी की खारदुंगला चैलेंज के नाम से आयोजित मैराथन में कई देशों के 150 प्रतिभागियों ने क्वालीफाई किया था। इनमें बड़ौत का उत्सव भी शामिल रहा। कुल 109 प्रतिभागियों ने यह मैराथन पूरी की।
उत्सव ने 13 घंटे 37 मिनट 04 सेकेंड में कामयाबी हासिल की। इससे पहले भी वह साइकिलिंग, मैराथन और हॉफ मैराथन में प्रतिभाग कर चुका है। देशभर में कई बाद पदक जीतकर बागपत का नाम रोशन किया। खारदुंगला लद्दाख का सबसे ऊंचा गांव है और यहां पर प्रतिभागियों को सांस लेने में भी दिक्कत होने लगती है।
एडवेंचर क्लब के समन्वयक हैं उत्सव
आईआईटी कानपुर की ओर से उत्सव सिंह ने कई बार देशभर में संस्थान का नाम रोशन किया। उनकी कामयाबी को देखते हुए एडवेंचर क्लब का कॉर्डिनेटर भी बनाया गया है। उनकी देखरेख में अन्य छात्र भी एडवेंचर की गतिविधियों में शिरकत कर रहे हैं।
खुशी मिली इतनी की कि मन में न समाए
उत्सव सिंह की कामयाबी से डॉ. नरेंद्र सिंह और डॉ. रेखा सिंह ने खुशी जताई है। डॉ. रेखा सिंह का कहना है कि पढ़ाई के अलावा उत्सव को गिटार बजाने, गाने और संगीत का शौक है। प्रत्येक क्लास में उसने टॉप किया है।
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