यूपी: टीईटी का पेपर लीक कराने वाले आरोपियों की तलाश में एसटीएफ की दबिश, कलक्ट्रेट में प्रदर्शन, जिला पंचायत सदस्य और सिपाही भिड़े
यूपी में टीईटी का पेपर लीक कराने वालों की तलाश में एसटीएफ ताबड़तोड़ दबिश दे रही है। टीम ने आरोपियों की तलाश में शामली, मथुरा और बागपत जिले में डेरा डाला हुआ है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी) का पेपर लीक कराने वाले बबलू सहित कई लोगों की तलाश में सोमवार भी एसटीएफ ने दबिश दी। शामली, मथुरा और बागपत में एसटीएफ ने डेरा डाला हुआ है। बताया गया है कि स्थानीय पुलिस भी आरोपियों की तलाश करने में जुटी है।
एसटीएफ मेरठ में शामली से मनीष उर्फ मोनू, रवि और धर्मेंद्र निवासी शामली को गिरफ्तार कर टीईटी का लीक हुआ पेपर रविवार सुबह बरामद कर लिया था, जबकि शामली का बबलू कुमार मौके से फरार हो गया था। सीओ एसटीएफ बृजेश सिंह ने बताया कि सोमवार को भी बबलू और उसके साथियों की तलाश टीम लगी रही। पेपर लीक कराने वाले का नेटवर्क मथुरा, प्रयागराज, शामली, बागपत, मेरठ सहित कई जिलों में बताया जा रहा है। टीईटी का पेपर लीक कराने के मामले की जांच में एसटीएफ को सौंपी। उसके चलते मेरठ, प्रयागराज और यूपी एसटीएफ की अलग-अलग जिलों की टीम नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। मथुरा में भी सोमवार को एसटीएफ मेरठ ने जाकर गहनता से जांच करने में लगी।
पेपर खरीदने वालों से भी पूछताछ
शामली से पकड़े गए आरोपियों ने जिन 16 लोगों को टीईटी का पेपर 50-50 हजार में बेचना बताया था। सोमवार को उनसे भी एसटीएफ ने कुछ जानकारियां लीं। पुलिस और एसटीएफ पेपर खरीदने वालों से जानकारी जुटाने में लगी है कि आखिर आरोपियों से उनके संबंध कैसे हुए। हालांकि, एसटीएफ गोपनीय तरीके से भी छानबीन कर रही है।
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कोचिंग सेंटर से गहरा कनेक्शन
सॉल्वर गैंग हो या पेपर लीक करने वाला गिरोह, इन सबका कोचिंग सेंटर गहरा कनेक्शन है। जहां अभ्यर्थी को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा और परीक्षा में नकल कराने की बात कही जाती है। दो लाख से पांच लाख तक खर्च करने वाले अभ्यर्थियों को भी नकल कराकर परीक्षा में पास कराने का झांसा भी और कोचिंग सेंटर में बताई जाती है।
सपा कार्यकर्ताओं का कलक्ट्रेट में प्रदर्शन, जिला पंचायत सदस्य और सिपाही भिड़े
यूपी टीईटी की परीक्षा रद्द होने पर सोमवार को सपा कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। ज्ञापन देने के लिए जिलाधिकारी कार्यालय में जाने से रोकने पर गेट पर तैनात सिपाही और जिला पंचायत सदस्य व युवजन सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष सम्राट मलिक भिड़ गए। खूब कहासुनी और खींचतान हुई।
दोपहर करीब 12 बजे सपाई कमिश्नरी से नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट तक पहुंचे। सपा जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह ने आरोप लगाया कि भ्रष्ट व्यवस्था के कारण पेपर लीक हुआ है। यह युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। प्रदेश सरकार बढ़ती बेरोजगारी को रोकने के बजाय इसे बढ़ावा दे रही है। इस दौरान जिलाधिकारी कार्यालय का गेट खुला देख जिला पंचायत सदस्य सम्राट मलिक जाने लगे। एक सिपाही ने उन्हें रोक लिया। मलिक ने आरोप लगाया कि सिपाही ने उनकी जैकेट पकड़ी और टोपी खींचने की कोशिश की, जबकि सिपाही ने कहा कि उसने सिर्फ कार्यालय में जाने से रोका था। कार्यकर्ताओं ने उन्हें अलग किया।
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प्रदर्शनकारियों ने आर्थिक क्षति पूर्ति के लिए परीक्षार्थियों को पांच-पांच हजार रुपये देने, 15 दिन के अंदर दोबारा परीक्षा कराने, परीक्षा स्थल तक जाने के लिए ट्रेनों और बसों में मुफ्त यात्रा की मांग की। इस बीच, एसीएम सत्यप्रकाश मौके पर पहुंचे और राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन लिया। प्रदर्शन के समय छात्र सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष देवेश राणा, युवजन सभा के जिला अध्यक्ष दीपक गिरी, छात्र सभा जिला अध्यक्ष अंशु मलिक, लोहिया वाहिनी के जिला अध्यक्ष जहीर अब्बास और युवजन सभा के महानगर अध्यक्ष प्रदीप कसाना आदि रहे।