फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Uproar against construction on disputed land, both sides clashed

विवादित भूमि पर निर्माण के विरोध में हंगामा, दोनों पक्ष भिडे़

Mon, 19 Jul 2021 01:48 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 19 Jul 2021 01:48 AM IST
विज्ञापन
Uproar against construction on disputed land, both sides clashed
विवादित भूमि पर निर्माण के विरोध में हंगामा, दोनों पक्ष भिडे़
विज्ञापन

सरधना। झिटकरी मार्ग पर पालिका के डंपिग ग्राउंड के निकट खाली पड़ी भूमि पर रविवार सुबह चल रहे निर्माण को जनाजा लेकर पहुंचे मुस्लिम समाज के लोगों ने रुकवा दिया और भूमि को कब्रिस्तान की बताया। इस पर दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए और हंगामा हो गया। लोगों ने निर्माण सामग्री उठाकर विवादित भूमि से बाहर फेंक दी। पुलिस मौके पर पहुुंची और दोनों पक्षों को शांत कराया। मुस्लिम समाज के लोग इसी भूमि पर शव सुपुर्द ए खाक करने की जिद पर अड़ गए। पूर्व चेयरमैन निजाम अंसारी ने पालिका से जेसीबी मंगवाकर गड्ढा खुदवाकर शव सुपर्द ए खाक कराया।
मोहल्ला तगायान निवासी वैभव त्यागी, अंकुर त्यागी, संदीप त्यागी आदि सरधना-झिटकरी मार्ग पर पाल बस्ती के निकट पालिका डंपिंग ग्राउंड के निकट भूमि पर रविवार सुबह चहारदीवारी कर रहे थे। रविवार सुबह खलीफा हाफिज शरीफ का इंतकाल होने पर मुस्लिम समाज के लोग उनका जनाजा लेकर पहुंचे तो निर्माण होते देख भड़क गए। उन्होंने जमीन को कब्रिस्तान की बताते हुए हंगामा किया। जनाजे में शामिल लोगों ने निर्माण सामग्री को उठाकर सड़क पर फेंकना शुरू कर दिया।
विज्ञापन

मामला हिंदू और मुस्लिम समाज से जुड़ा होने के कारण तनाव बन गया। हंगामे की सूचना पर पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची तथा दोनो पक्षों को शांत किया। कहा कि जब तक तहसील प्रशासन भूमि की पैमाइश नहीं कर लेता तब तक निर्माण बंद रहेगा। मुस्लिम समाज के लोगों ने कब्र खोदनी शुरू की तो त्यागी समाज ने विरोध किया। पुलिस ने दोनों पक्षों को कागजात लेकर थाने आने को कहा। वहीं, पालिका के पूर्व चेयरमैन निजाम अंसारी ने पालिका से जेसीबी मंगवाकर गड्ढा खुदवाया और शव सुपुर्द ए खाक करा दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

पुरखों की भूमि पर कब्जा नहीं होने देंगे
रालोद नेता एवं समाजसेवी ऐनुद्दीन शाह, अलीशाह ने कहा कि कब्रिस्तान की भूमि, उनके पुरखों की भूमि है। उनके परिवार के ही सेवानिवृत्त आईजी मरहूम आगा मोइनूद्दीनशाह ने अपने हिस्से की भूमि को 18 वर्ष पूर्व कब्रिस्तान कमेटी को दी थी। कुल 2400 गज भूमि में तीन हिस्से हुए, जिसमें आईजी ने अपने हिस्से की 800 मीटर भूमि कब्रिस्तान को दी। शेष 1600 मीटर भूमि में से 1100 गज भूमि मंगतपाल को बेच दी और शेष 500 मीटर भूमि कब्रिस्तान को दे दी। जिस भूमि पर निर्माण किया जा रहा था वह कब्रिस्तान की है। वह चंदा एकत्रित कर कब्रिस्तान की खुद ही चहारदीवारी करवाएंगे।
यथास्थिति के आदेश पर भी जारी रहा निर्माण
एसडीएम अमित कुमार भारतीय ने झिटकरी मार्ग पर पालिका के डंपिंग ग्राउंड के बराबर की भूमि को विवादित मानते हुए पैमाइश होने तक यथास्थिति के आदेश दिए थे। उस भूमि पर शाम तक निर्माण जारी रहा। यह निर्माण उन लोगों का नहीं, जिस पक्ष पर अवैध निर्माण का आरोप लगा है। यह निर्माण मंगतपाल द्वारा जारी रखा गया। वहीं, दूसरे पक्ष ने शव सुपुर्द ए खाक करने के बाद वहां पक्की कब्र का निर्माण कर दिया।
रात के अंधेरे में शुरू किया निर्माण
मोहल्ला तगायान निवासी वैभव त्यागी पक्ष जिस जमीन को अपनी बताकर निर्माण कर रहा है, उस पर रविवार तड़के करीब तीन बजे से निर्माण शुरू करने की क्या जरूरत थी। वैभव पक्ष कई दिनों से तहसील व थाने के चक्कर काट रहा था। रात के अंधेरे व काफी संख्या में मजदूरों को लेकर तेजी से निर्माण करना सवाल खडे़ कर रहा है।

यथास्थिति बनाए रखें
मौके निर्माण कार्य रुकवा दिया है। जांच पूरी होने तक दोनों पक्षों से यथास्थिति बनाए रखने को कहा है। पुलिस को भी शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए निर्देशित किया गया है। -अमित कुमार भारतीय, एसडीएम, सरधना
गलत तरीके से रोका निर्माण
पुस्तैनी जमीन पर निर्माण कर रहे थे। उनका निर्माण गलत तरीके से रोका गया। कब्रिस्तान की भूमि से उनका कोई लेना-देना नहीं है। -वैभव त्यागी, निर्माण कर्ता
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed