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UP: मदरसे में धर्मांतरण के गंभीर आरोप, नामों की सूची जारी, यशवीर महाराज ने सरकार से मांगी उच्च स्तरीय जांच
Fri, 03 Jul 2026 12:04 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Published by: Dimple Sirohi
Updated Fri, 03 Jul 2026 12:04 PM IST
सार
मुजफ्फरनगर में यशवीर महाराज ने फुलत स्थित दारुल उलूम रहीमिया मदरसे पर धर्मांतरण के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने नामों की सूची जारी करते हुए मुख्यमंत्री से उच्च स्तरीय जांच, संपत्ति की जांच और कार्रवाई की मांग की है।
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स्वामी यशवीर महाराज
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुजफ्फरनगर जनपद के योग साधना यशवीर आश्रम, बघरा के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर महाराज ने फुलत स्थित दारुल उलूम रहीमिया मदरसे पर हिंदुओं के धर्मांतरण के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले दस वर्षों से मदरसे में सुनियोजित तरीके से धर्मांतरण कराया जा रहा है। स्वामी यशवीर महाराज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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नामों की सूची जारी कर लगाए गंभीर आरोप
स्वामी यशवीर महाराज ने दावा किया कि धर्मांतरण के शिकार हुए कुछ लोगों के नाम उनके पास हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मदरसे के संचालक मौलाना हिफजुर्रहमान अंसारी और उनके पुत्र मौलाना जुबेर अंसारी इस पूरे प्रकरण के मुख्य आरोपी हैं। उनका कहना है कि लोगों को विभिन्न प्रकार के लालच देकर धर्म परिवर्तन कराया गया।
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युवतियों का धर्म परिवर्तन कराकर निकाह का आरोप
स्वामी यशवीर महाराज ने जिन मामलों का उल्लेख किया, उनमें भैंसी निवासी जुगनू शर्मा का नाम बदलकर अब्दुल रहमान किए जाने, मेरठ के काशी निवासी विक्रम का नाम अकरम रखने, पंजाब के एक युवक का नाम शरीफ रखने तथा दो हिंदू युवतियों का धर्म परिवर्तन कर निकाह कराने का दावा किया गया है।
संपत्ति और सरकारी भूमि की भी जांच की मांग
स्वामी यशवीर महाराज ने मौलाना जुबेर अंसारी की संपत्ति और उसके वित्तीय स्रोतों की जांच कराने की भी मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि मदरसे ने सरकारी भूमि पर कब्जा कर रखा है। उनका कहना है कि जांच में यह तथ्य सामने आ चुका है, लेकिन अब तक भूमि को कब्जामुक्त नहीं कराया गया। उन्होंने राज्य सरकार से मदरसे को स्थायी रूप से सील करने, संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की मांग भी की।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
स्वामी यशवीर महाराज ने कहा कि यदि इस मामले में जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराकर सच्चाई सामने लाने की मांग की।
इस मामले में जिन लोगों और संस्थान पर आरोप लगाए गए हैं, उनका पक्ष इस समाचार के प्रकाशन तक सामने नहीं आया है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
स्वामी यशवीर महाराज ने जिन मामलों का उल्लेख किया, उनमें भैंसी निवासी जुगनू शर्मा का नाम बदलकर अब्दुल रहमान किए जाने, मेरठ के काशी निवासी विक्रम का नाम अकरम रखने, पंजाब के एक युवक का नाम शरीफ रखने तथा दो हिंदू युवतियों का धर्म परिवर्तन कर निकाह कराने का दावा किया गया है।
संपत्ति और सरकारी भूमि की भी जांच की मांग
स्वामी यशवीर महाराज ने मौलाना जुबेर अंसारी की संपत्ति और उसके वित्तीय स्रोतों की जांच कराने की भी मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि मदरसे ने सरकारी भूमि पर कब्जा कर रखा है। उनका कहना है कि जांच में यह तथ्य सामने आ चुका है, लेकिन अब तक भूमि को कब्जामुक्त नहीं कराया गया। उन्होंने राज्य सरकार से मदरसे को स्थायी रूप से सील करने, संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की मांग भी की।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
स्वामी यशवीर महाराज ने कहा कि यदि इस मामले में जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराकर सच्चाई सामने लाने की मांग की।
इस मामले में जिन लोगों और संस्थान पर आरोप लगाए गए हैं, उनका पक्ष इस समाचार के प्रकाशन तक सामने नहीं आया है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।